
जबलपुर, न्यायिक क्षेत्र में अपने लंबे अनुभवों को साझा करते हुए मप्र उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने अधिवक्ताओं को न्यायिक यात्रा से जुड़े अनुभवों और सीख से अवगत कराया। उन्होंने “मेमोरी ऑफ ज्यूडीशियल जर्नी” विषय पर अपने विचार रखते हुए अधिवक्ता परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन की यात्रा, अधिवक्ता समुदाय की भूमिका और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। उनका अनुभवपूर्ण संबोधन उपस्थित अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणादायी रहा। अवसर था अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद, महाकौशल प्रांत, उच्च न्यायालय इकाई, जबलपुर के स्थापना दिवस समारोह का, जो 24 सितंबर को हाई कोर्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन में आयोजित हुआ।
इनकी रही उपस्थिति
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। नीतू पसीने, गरिमा तिवारी एवं प्रेमलता लोखंडे ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर पूर्व न्यायाधीश जस्टिस विजय कुमार शुक्ला, वरिष्ठ अधिवक्ता टी.एस. रूपराह, तेज कुमार मोढ, हाई कोर्ट इकाई अध्यक्ष हरीश अग्निहोत्री, अतिरिक्त महाधिवक्ता बी.डी. सिंह, डीएसजी सुयश मोहन गुरु, एडवोकेट चंचल शर्मा, राममिलन प्रजापति, प्रदीप शर्मा एवं विश्वास पलिया उपस्थित रहे। परिषद के अध्यक्ष ने संगठन की प्रगति और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन गजेंद्र सिंह एवं संदीप कुमार शुक्ल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्वेता यादव ने किया। समारोह में परिषद के ज्ञानेंद्र सिंह बघेल, एसपी सिंह, ओम नामदेव, सुनील गुप्ता, प्रियंका मिश्रा, जितेंद्र बेन, डी.एस. बघेल, चंद्रपाल सिंह, आकांक्षा सिंह, केडी सिंह, प्रीति सिंह सहित बड़ी संख्या में सदस्य एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।
