
उज्जैन। माता-पिता के अलग होने पर बुआ के साथ रहने वाली नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले फूफा को न्यायालय ने दंडित करते हुये 20 सालों तक सलाखों में रखने सजा सुनाई है। मीडिया सेल प्रभारी कुलदीपसिंह भदौरिया ने बताया कि विशेष न्यायाधीय पॉस्को अधिनियम और तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश सनोडिया ने आरोपी नारायण पिता मांगीलाल पांचाल को धारा 65(2) बीएनएस में 20 वर्ष, 351(3) बीएनएस में 2 वर्ष और धारा 5 एल/6 पाक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास के साथ 16 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी के खिलाफ 31 मार्च 2025 को नाबालिग ने अपनी मां के साथ थाने आकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पापा मम्मी पिछले एक साल से अलग-अलग रह रहे हैं।
वह बुआ-फूफा के साथ रहकर कक्षा 5 वीं की पढ़ाई कर रही थी। 6 माह पहले की बात है, वह घर पर अकेली थी उसी समय उसके फूफा नारायण उसके पास आये और बुरी नीयत से उसके साथ गलत हरकतें की। उसने शोर मचाने का प्रयास किया तो बोले चुप हो जा तूने यह बात किसी को बताई तो मार के नदी में फेंक दूंगा। वह डर गई थी। उसके बाद फूफा अकेली पाकर उसके साथ गलत हरकते करते थे और धमकाते थे। होली पर मम्मी गांव आई तो उसने घटना बताई। पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था और अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। प्रकरण में उप निदेशक अभियोजन राजेन्द्र कुमार खाण्डेगर के मार्गदर्शन में पैरवी कमल सिंह गोयल विशेष लोक अभियोजक महिदपुर द्वारा की गई।
