थाना क्षेत्रों के सीमा विवाद में उलझा नरकंकाल प्रकरण

जबलपुर। नगर निगम सीमा विस्तार के बाद पुलिस थानों के बीच उपजा सीमा विवाद एक बार फिर सामने आया है। थाना क्षेत्रों के उलझे गणित के कारण एक नरकंकाल मामला दो थानों के बीच घूमता रहा। दरअसल, बरेला थाना अंतर्गत चौहान डेरी के पास उमरिया में एक नरकंकाल मिला था । बरेला पुलिस ने पहुंचकर पंचनामा भी बना लिया, लेकिन जब तकनीकी सीमांकन की जाँच हुई तो पता चला कि घटनास्थल बरेला का नहीं, बल्कि गोराबाजार थाना क्षेत्र का है। शुरुआती उलझन के बाद अब बरेला पुलिस ने जीरो पर मर्ग कायम किया इसके बाद केस डायरी गोराबाजार थाने भेज दी जहाँ अब पुलिस ने असल कायमी कर मामले को जाँच में लिया गया है।

विदित हो कि अनुराग ठाकुर पिता हरि ठाकुर 20 वर्ष निवासी कटा घाट ने बरेला थाना अंतर्गत गौर चौकी को 18 सितम्बर को सूचना दी थी कि चौहान डेरी के पास उमरिया में एक कंकाल पड़ा है । मृतक की उम्र लगभग 30-45 वर्ष होगी। सूचना पर बरेला पुलिस पहुंची थी । पंचनामा कार्रवाई कर कायमी की थी । बाद में सीमा विवाद सामने आया जिसके बाद केस डायरी को गोराबाजार भेजा गया। पांच दिन बाद अब वहां असल कायमी दर्ज हुई है। बताया जाता है कि 2024 में सीमांकन के दौरान कई गाँवों को जबलपुर नगर निगम की सीमा में शामिल किया गया था। इस विस्तार के बाद थानों की भौगोलिक सीमाएँ भी बदल गईं थी। जिस इलाके में यह नरकंकाल बरामद हुआ था, वह नए नक्शे के मुताबिक गोराबाजार पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। लेकिन मैदानी स्तर पर पुलिस बल के पास सीमाओं की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण शुरुआती कार्रवाई में खाकी उलझ कर रह गई थी। अब गोराबाजार पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस नरकंकाल की शिनाख्त करने की है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों से गुमशुदा लोगों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

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