नयी दिल्ली, 24 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी शुक्रवार को बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ (एसएफआईसी) का शुभारंभ करेंगे।
शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि एसएफआईसी का उद्देश्य युवाओं को अपने आसपास की सामुदायिक समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। विकसित किये गये समाधानों को परीक्षण, सुधार और आगे कार्यान्वयन के लिए तैयार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह चैलेंज पांच राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और पुड्डुचेरी के युवाओं को जोड़ेगा। इसमें स्कूलों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), पॉलीटेक्निक, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता को जूनियर, टेक्निकल और ओपन तीन स्तरों में बांटा गया है।
कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थी जूनियर स्तर पर स्थानीय समस्याओं के सरल कार्यशील समाधान या सेवा एवं शासन से जुड़े विचार प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें पंजीकरण 25 सितंबर से 24 अक्टूबर तक खुलेगा और इसका समापन 10 से 17 दिसंबर 2026 तक नयी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय फिनाले के साथ होगा। प्रतिभागियों को शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, प्रयोगशालाओं एवं फैब्रिकेशन सुविधाओं, परीक्षण सहयोग, इनक्यूबेशन, सीड एवं पायलट फंडिंग तथा बौद्धिक संपदा संरक्षण संबंधी सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

