
न्यूयॉर्क, 24 सितंबर (वार्ता) भारत और प्रशांत द्वीपीय देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर आयोजित भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) की दूसरी विदेश मंत्रियों की बैठक में जलवायु कार्रवाई, आपदा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशांत द्वीपीय देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक में समोआ, फिजी, मार्शल द्वीप, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन द्वीप, तुवालु, टोंगा, माइक्रोनेशिया के संघीय राज्य, वानुअतु और नाउरू के प्रतिनिधियों के साथ प्रशांत द्वीप समूह फोरम के महासचिव ने भी भाग लिया।
विदेश मंत्रियों ने एफआईपीआईसी शिखर सम्मेलनों के परिणामों की समीक्षा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 2023 में घोषित 12 सूत्री कार्ययोजना के तहत हुई प्रगति पर चर्चा की। बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु कार्रवाई, आपदा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में एफआईपीआईसी साझेदारी को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय एवं बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की देशों की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
