भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जीवनरक्षक एवं आवश्यक दवाओं, विशेषकर कैंसर की दवाओं की अत्यधिक कीमतों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पटवारी ने कहा कि 22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान आवश्यक कैंसर दवा के प्राइस टू रिटेलर (पीटीआर) और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के बीच दस गुना अंतर का मामला सामने आया। अदालत को बताया गया कि जिस दवा की कीमत खुदरा विक्रेता के लिए 2,700 रुपये थी, उसका एमआरपी 27,000 रुपये निर्धारित था।
पटवारी ने कहा कि इस मामले से मौजूदा दवा मूल्य निर्धारण व्यवस्था और ड्रग्स (प्राइसेज कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 (डीपीसीओ) की समीक्षा की आवश्यकता सामने आती है। उन्होंने कहा कि आवश्यक दवाओं की कीमतों में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ उन्हें मरीजों के लिए किफायती बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रपति से केंद्र सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मंगाने तथा कैंसर एवं अन्य जीवनरक्षक दवाओं पर लागू मूल्य नियंत्रण की समीक्षा कराने का आग्रह किया। उनके आठ सूत्रीय प्रस्तावों में पीटीआर, स्टॉकिस्ट मूल्य और एमआरपी में असामान्य अंतर वाली दवाओं की पहचान, मूल्य ऑडिट, मरीजों के लिए पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत प्रतिपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा शामिल है।
पटवारी ने कहा कि दवाओं की अत्यधिक कीमतें मरीजों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल सकती हैं। उन्होंने आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाओं को प्रभावी मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाने के लिए समयबद्ध नीति बनाने की मांग की।
