
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने शिक्षण, शोध और प्रशासनिक कार्यों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए एडुनेट फाउंडेशन के सहयोग से तीन दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण आयोजित किया। 21 से 23 सितंबर तक चले ‘बेहतर शिक्षण, शोध एवं कार्यक्षमता के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग’ विषयक प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के 122 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। आईक्यूएसी विभाग में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जनरेटिव एआई के व्यावहारिक उपयोग, प्रभावी प्रॉम्प्ट तैयार करने तथा एआई की मदद से शिक्षण-अध्ययन सामग्री तैयार करने की जानकारी दी।
तकनीकी के साथ गैर-तकनीकी विषयों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में एआई के इस्तेमाल के साथ उसकी जिम्मेदारियों और सीमाओं पर भी विशेष जोर रहा। शिक्षकों को विद्यार्थियों व संस्थान की गोपनीयता, सूचनाओं की शुद्धता, पक्षपात, बौद्धिक संपदा, कॉपीराइट और शैक्षणिक ईमानदारी जैसे पहलुओं की जानकारी दी गई। कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने इसे विश्वविद्यालय में डिजिटल कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। अब प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक आईबीएम स्किल्सबिल्ड मंच पर प्रमाण-पत्र आधारित पाठ्यक्रम पूरा करेंगे। एडुनेट फाउंडेशन की एसोसिएट डायरेक्टर रितु भटनागर और मास्टर ट्रेनर रोहितदास सेलार ने आभार व्यक्त किया।
