सायबर ठगी के संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

देवास। सायबर ठगी के मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे नेटवर्क का पता लगाया है, जिसमें अलग-अलग लोगों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड ठगी की वारदातों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। जांच में ठगी के अलग-अलग तरीकों और आपस में जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है। मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस अब नेटवर्क की अन्य कड़ियां खंगाल रही है।

राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा ऑपरेशन फास्ट के अंतर्गत पूरे प्रदेश में एक साथ सायबर ठगी में प्रयुक्त सिम कार्ड धारकों, विक्रेताओं और एजेंट्स के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत देवास जिले से संबंधित 6 सायबर अपराध शिकायतों की जांच हेतु एसपी पुनीत गेहलोद द्वारा निर्देशित किया गया। इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गजेंद्रसिंह वर्धमान के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक देवास सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी औघोगिक क्षेत्र अमित सोलंकी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सायबर सेल भोपाल से प्राप्त शिकायतों और दस्तावेजों के आधार पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की। उक्त नंबरों से जुड़े उपभोक्ता के विश्लेषण में सामने आया कि उक्त गिरोह के सदस्यों द्वारा स्वयं व अन्य लोगों के नाम से सिम खरीदकर सीमों के माध्यम से अलग-अलग तरह से आम जनता से सायबर फ्राड के द्वारा ठगी की घटना को अंजाम देते थे।

आरोपी अजय परमार ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने नाम से कुल 6 सिम कार्डों का प्रयोग कर आम लोगों को लोन दिलाने के नाम पर सायबर फ्रॉड किया है। आरोपी नितिन बगानिया ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने नाम की 2 सिम कार्ड व अन्य लोगों की सिम कार्ड आगे अपने साथी विशाल को सप्लाय की थी व विशाल ने राजकुमार को सप्लाय की थी। राजकुमार से पूछताछ करने पर पाया गया कि उसने अपने गिरोह के माध्यम से आनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आम लोगों को विश्वास में लेकर उनसे सायबर फ्राड किया है। आरोपी अजय बागवान ने बताया कि उसने स्वयं के नाम से 5-6 सिम कार्ड व अन्य लोगों की सिम कार्ड अपने साथी अभिषेक कुमावत को दी थी व अभिषेक ने अपने साथी अंकित कुमावत के साथ मिलकर इंस्ट्रग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर सस्ते दामों में मोबाइल व लैपटाॅप बेचने का बोलकर लोगों को झांसे में लेकर उनके साथ सायबर फ्रॉड किया है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त गिरोह द्वारा देश के अलग-अलग स्थानों से लोगों के साथ विभिन्न प्रकार से सायबर ठगी की घटना को अंजाम देकर अभी तक ज्ञात कुल 6 घटनाओं मे लगभग 10 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर अन्य वारदातों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। उक्त गिरोह से पहले भी दिल्ली सायबर क्राइम के द्वारा 398 सिम कार्ड अलग-अलग कंपनियों की जब्त की जा चुकी है, जिस संबंध में थाना आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली में वर्ष 2025 में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना औघोगिक क्षेत्र में उक्त गिरोह के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड व अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर उक्त सायबर फ्रॉड में संलिप्त अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी-

1. अजय पिता रामप्रसाद परमार उम्र 35 वर्ष निवासी अमृत पार्क मल्हार रोड देवास

 

2. अजय पिता बन्नूलाल बागवान उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना

 

3. नितिन पिता विष्णुप्रसाद बामनिया उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ

 

4. अभिषेक पिता कमल कुमावत उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना

 

5. विशाल पिता मेहरबान सिंह गौड़ उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ

 

6. राजकुमार उर्फ छोटू पिता नर्बतसिंह गौड़ उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम एनाबाद तहसील सोनकच्छ

 

7. अंकित पिता संतोष कुमावत उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम खजूरिया तहसील तराना

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