नयी दिल्ली, 22 सितंबर (वार्ता) दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों पर मंगलवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता को नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर एकत्र की गयी जानकारी के आधार पर तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी। यह सूची सीईओ की वेबसाइट, संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के कार्यालयों और सभी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध है। नागरिक ऑनलाइन सूची देख और डाउनलोड कर सकते हैं तथा मतदाता खोज पोर्टल के माध्यम से अपना नाम भी जांच सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का पिछली एसआईआर सूची से लिंक स्थापित नहीं हो सका या जिनके रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गईं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसे मतदाता संबंधित ईआरओ/एईआरओ के समक्ष अपना जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। सीईओ कार्यालय ने कहा कि दस्तावेजों की सूची सांकेतिक है और अंतिम नहीं है। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संबंधित अधिकारी निर्णय लेंगे तथा उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी मतदाता का नाम नहीं हटाया जाएगा।
सीईओ कार्यालय ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है, जबकि नोटिसों के निस्तारण की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर निर्धारित की गयी है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। पात्र नागरिकों का नाम जोड़ने के लिए 27 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और विशेष सहायता की जरूरत वाले नागरिकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
