इंदौर: प्राइवेट अर्टिगा को टैक्सी में चलाने के लिए वाहन का नंबर ही बदल दिया गया. फर्जी पीली नंबर प्लेट लगाकर दौड़ रही अर्टिगा के ट्रैफिक उल्लंघनों के ई चालान दूसरे वाहन के मालिक के पास पहुंच रहे थे. शिकायत के बाद यातायात पुलिस ने जांच शुरू की तो देवगुड़िया क्षेत्र में फर्जी नंबर प्लेट लगी अर्टिगा पकड़ में आ गई. जांच में सामने आया कि वाहन का वास्तविक नंबर एमपी 09 डीए 9437 था, जबकि उस पर एमपी 41 सीबी 1937 की नंबर प्लेट लगी थी.
ग्राम कनेरी, उज्जैन में रहने वाले वाहन मालिक ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि उसकी निजी अर्टिगा के नंबर पर लगातार ई-चालान आ रहे हैं, जबकि कार उसके पास ही है. शिकायत के बाद यातायात पुलिस ने संबंधित वाहन की तलाश शुरू की. जोन 3 थाना प्रभारी अरविंद डांगी टीम के साथ देवगुड़िया क्षेत्र में गश्त कर रहे थे. इसी दौरान तेज गति से आती अर्टिगा को रोककर जांच की गई. हेड कांस्टेबल हरिओम और कांस्टेबल सचिन तोमर ने नंबर प्लेट की जांच की तो उसमें गड़बड़ी सामने आई. वाहन को एएसआई रोहित कटारे और कांस्टेबल शादाब खान की मदद से यातायात थाने लाया गया.
पूछताछ में चालक दिनेश कुशवाह निवासी शादीखेड़ा, सोनकच्छ, देवास मिला. उसने बताया कि निजी वाहन को ओला-उबर जैसी टैक्सी सेवा में अटैच कराने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी, पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है. मामले में डीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार त्रिपाठी ने नव भातर को बताया कि शिकायत मिलने के बाद वाहन की पहचान और उसके रजिस्ट्रेशन की जांच कराई गई. जांच में नंबर प्लेट में गड़बड़ी मिलने पर वाहन जब्त किया है. मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है.
