
नयी दिल्ली, 22 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय राजधानी के कालकाजी मंदिर इलाके के पास तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, सोमवार शाम वह अपने 17 वर्षीय पुरुष मित्र के साथ दर्शन के लिए कालकाजी मंदिर गई थी, जिसके बाद वे गेट नंबर 7 से आस्था कुंज पार्क में टहलने चले गए। रात करीब 7:30 बजे तीन अज्ञात लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और पूछताछ के बहाने किशोरी को उसके मित्र से अलग कर एक सुनसान इलाके में ले गए। आरोपी आसिफ ने बंदूक और चाकू की नोक पर पीड़िता को डराया और उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद अन्य दो आरोपियों ने भी उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद तीनों आरोपी पीड़िता और उसके दोस्त को धमकी देकर मौके से फरार हो गए।
इस घटना के संबंध में रात करीब 8:45 बजे पीसीआर कॉल मिलने के बाद अमर कॉलोनी थाना प्रभारी और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। पीड़िता को तत्काल एम्स में चिकित्सीय जांच के लिए भेजा गया, जबकि फॉरेंसिक और अपराध जांच टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो कानून की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी आसिफ के अमर कॉलोनी स्थित डीएम ऑफिस रोड के पास मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने जब उसे घेरकर आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने पुलिस पर तीन राउंड गोलियां चला दीं, जो एक हेड कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस की ओर से आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आसिफ के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य दो फरार सह-आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
