बालाघाट:प्रतिभा किसी सुविधा और पहचान की मोहताज नहीं होती, यह कहावत एक बार फिर सच साबित कर दिखाई है ,खनिज नगरी उकवा के समीप ग्राम सोनपुरी के लाल हिमांशु कोलते का प्राध्यापक वाणिज्य में (Assistant Professor) के पद पर चयन हुआ है। हिमांशु के पिता श्री टुण्डीलाल कोलते एक बस कंडक्टर हैं और माता श्रीमती गीता कोलते एक गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने अपने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।
हिमांशु की प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, वारासिवनी से हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से प्राप्त की। हिमांशु ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने लगातार 2 साल तक कठोर तैयारी की।
हिमांशु दो भाई-बहनों में बड़े हैं। उनकी छोटी बहन मुस्कान और बड़ी बहन मालती कोलते ने भी बताया कि भैया बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल थे और आज उन्होंने पूरे परिवार गांव और समाज का नाम रोशन कर दिया।
चयन की खबर मिलते ही ग्राम सोनपुरी और उकवा क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने हिमांशु को बधाई देते हुए कहा कि हिमांशु की सफलता क्षेत्र के उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अभाव में भी बड़े सपने देखते हैं।
हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और अपने कठिन परिश्रम को दिया है।
