सतना :जिले में भारी बारिश से दलहन और तिलहन फसलों को हुए नुकसान को लेकर नवभारत समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन ने क्षति का आकलन जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को समय सीमा की बैठक में कलेक्टर डॉ. सतीश एस कुमार ने बारिश की वजह से जिले में दलहन और तिलहन व अन्य फसलों को हुई क्षति के आकलन की जानकारी संयुक्त टीम के माध्यम से एक सप्ताह के अन्दर पूरी कर प्रस्तुत करने के आदेश दिए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बैठक में जिले में बारिश के दौरान हुई क्षति के आकलन की जानकारी कलेक्टर ने कृषि कल्याण विभाग के उप संचालक से चाही। जिस पर सर्व की बात कहकर उन्होंने डालने की कोशिश की तो कलेक्टर ने राजस्व और कृषि विभाग के संयुक्त दल द्वारा जाँच किए जाने के आदेश देते हुए ये भी कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अतिरिक्त यदि किसी अन्य क्षेत्र में फसलों को ज्यादा मात्रा में क्षति पहुंची होगी। तो जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
जिले में इस वर्ष करीब 2 लाख 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोवनी की गई है। इनमें दलहन और तिलहन फसलों का रकबा 30 हजार हेक्टेयर से अधिक बताया गया है। करीब 20 दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश से तिल की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार, जिले में तिल की करीब 75 प्रतिशत फसल प्रभावित हो चुकी है, जबकि लगभग 25 प्रतिशत फसल बची है।
सर्वे रिपोर्ट से स्पष्ट होगी वास्तविक क्षति
बारिश से प्रभावित किसानों को वास्तविक नुकसान कितना हुआ है, यह सर्वे पूरा होने के बाद स्पष्ट होगा। प्रशासन द्वारा संबंधित विभागों को क्षति का आकलन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फसल नुकसान की स्थिति सामने आ सके और प्रभावित किसानों के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सके।
कृषि कल्याण विभाग के उप संचालक आशीष पांडेय ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर फसल क्षति के सर्वे के लिए टीम गठित की जाएगी। कलेक्टर का आदेश अभी विभाग को प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि फसल क्षति का सर्वे पटवारियों द्वारा किया जाएगा, जबकि कृषि कल्याण विभाग की टीम उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।
