नई दिल्ली, विदेश मंत्री एस जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भाग लेने के लिए आधिकारिक तौर पर न्यूयॉर्क की यात्रा पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, विदेश मंत्री आगामी 26 सितंबर को यूएनजीए के हाई-लेवल सत्र के दौरान वैश्विक मंच से भारत का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखेंगे। इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान उनके साथ एक उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहेगा, जो वैश्विक शांति, आर्थिक चुनौतियों और आतंकवाद जैसे गंभीर विषयों पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में चर्चा करेगा।
22 से 29 सितंबर तक चलेगा संयुक्त राष्ट्र का हाई-लेवल वीक, भू-राजनीतिक संघर्षों और जलवायु परिवर्तन पर रहेगा विशेष जोर
संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह हाई-लेवल वीक आगामी 22 सितंबर से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष नेता और राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। वर्तमान समय में मध्य पूर्व समेत दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक संघर्षों, ऊर्जा संकट, खाद्य सुरक्षा, समुद्र के बढ़ते जलस्तर और परमाणु हथियारों के उन्मूलन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर इस सत्र में व्यापक मंथन होगा। यह विशेष सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के कार्यकाल का आखिरी हाई-लेवल यूएनजीए सत्र होगा, जिनका कार्यकाल इसी वर्ष दिसंबर में समाप्त हो रहा है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री करेंगे 81वें सत्र की अध्यक्षता, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेता होंगे शामिल
संयुक्त राष्ट्र महासभा के इस 81वें सत्र की अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान द्वारा की जाएगी, जहां 193 सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मंच से अपने विचार साझा करेंगे। इस ऐतिहासिक महाकुंभ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई देशों के प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेता हिस्सा ले रहे हैं, जो विभिन्नサイド बैठकों के जरिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर देंगे। भारत की ओर से विदेश मंत्री का यह संबोधन आतंकवाद, बहुपक्षीय सुधारों और वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की प्राथमिकताओं को प्रमुखता से उठाने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

