बिहार में बांकीपुर सीट पर भाजपा को बड़ा झटका, मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस, गुजरात की मांजुलपुर सीट पर भाजपा का का कब्जा बरकार

नयी दिल्ली, 03 अगस्त (वार्ता) बिहार की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट के उप चुनाव में भारी उलटफेर के साथ सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी को तीन राज्यों में हुए उपचुनाव में तगड़ा झटका लगा है।

बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात में तीनों सीटों पर गत 30 जुलाई को हुए मतदान के वोटों की गिनती सोमवार को करायी गयी जिसमें भाजपा का गढ़ मानी जाने वाली बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने धमाकेदार जीत दर्ज की। वह पहली बार चुनाव लड़े हैं।

यह सीट भाजपा के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्य सभा के लिए चुने जाने से रिक्त हुई थी। खुद श्री नवीन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा के पक्ष में प्रचार के लिए मैदान में उतरे थे।

मध्य प्रदेश की दतिया सीट का चुनाव भी भाजपा के टिकट के लिए पार्टी के अंदर हुई खींचतान के बाद से आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। इस सीट पर कांग्रेस ने अपना कब्जा बनाए रखा। भाजपा के लिए गुजरात की मांजुलपुर सीट के नतीजे से कुछ सांत्वना मिल सकती है जहां उसने कब्जा बरकार रखा है।

बिहार की बांकीपुर सीट पर पिछले नौ चुनाव में चार बार श्री नवीन के पिता और पांच बार श्री नवीन निर्वाचित हुए थे। भाजपा ने इस सीट के उप चुनाव के लिए पहले श्री अभिषेक कुमार सिन्हा को प्रत्याशी घोषित किया था, पर उनको बदल कर श्री नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया ।

इस सीट पर पुराने समीकरणों में श्री किशोर ने उलटफेर करते हुए भाजपा उम्मीदवार को 19324 मतों से परास्त कर राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। मतगणना में श्री किशोर को 64117 मत और श्री सिन्हा को 44827 मत मिले। पिछले चुनाव में करीब 46 हजार मत पाने वाली राष्ट्रीय जनता दल की सुश्री रेखा गुप्ता 14273 मत हासिल कर तीसरे स्थान पर रहीं।

राजनीतिक परामर्शदाता से राजनीतिक पार्टी बनाने वाले श्री किशोर पिछले कुछ वर्षों से बिहार में अपने को एक वैकल्पिक ताकत के रूप में स्थापित करने में लगे हुए हैं। गत वर्ष नवंबर में हुए विधान सभा चुनाव में उन्होंने अपनी पार्टी को धूमधाम से रण-क्षेत्र में उतारा था लेकिन खुद नहीं लड़े थे। इस चुनवा में उनकी पार्टी ने 243 में से 238 सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन उसका खता नहीं खुला था।

जनसुराज के स्थापक की ताजा जीत ने इस सीट पर 1967 के विधान सभा चुनाव की याद दिला दी जब बांकीपुर (तब पटना पश्चिम) विधानसभा सीट पर उस चुनाव में जनक्रांति दल के महामाया प्रसाद सिन्हा ने मुख्यमंत्री केबी सहाय को हराया था। श्री सिन्हा बिहार के पहले गैरकांग्रेसी मुख्यमंत्री बने थे। इस सीट पर 1977 के चुनाव में भाजपा के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के पिता और तत्कालीन भारतीय जनसंघ के नेता ठाकुर प्रसाद जीते थे।

श्री किशोर की यह जीत इस मायने में खास है कि सत्तारुढ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने इस उप चुनाव में अपना पूरा जोर लगा रखा था।

मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। इस सीट के उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6016 मतों से शिकस्त दी। श्री सिंह को 66,757 मत और श्री तिवारी को 60,741 मत मिले। यहां आजाद समाज पार्टी (काशीराम) के प्रत्याशी दामोदर यादव ‘मंडल’ 22,527 मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे।

वर्ष 2023 में हुए पिछले विधान सभा चुनाव में दतिया सीट पर कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने भाजपा के प्रत्याशी और तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े प्रकरण में दो वर्ष की सजा होने के कारण उनकी सदस्यता खत्म हो गयी और यह सीट रिक्त हो गयी थी।

उप चुनाव में भाजपा ने श्री आशुतोष तिवारी को टिकट देने की घोषणा की तो डॉ मिश्रा के समर्थकों ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जतायी थी।

गु जरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट के उप चुनाव में भाजपा के सतेंद्र भाई पटेल (सतीश पटेल) ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर इस सीट पर पार्टी का कब्जा बरकरार रखा है। श्री सतीश पटेल को 55481 मत मिले हैं जबकि श्री राबरी को 24851 मत मिले ।

मांजलपुर विधानसभा सीट विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री योगेश पटेल का 02 जून को निधन होने से रिक्त हो गयी थी।

 

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