यूक्रेन में यौन हिंसा के अधिकतर मामलों में रूस जिम्मेदार : यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र, 19 सितंबर (वार्ता) यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से आम नागरिकों और युद्धबंदियों के खिलाफ दर्ज यौन हिंसा के अधिकतर मामलों में रूसी अधिकारी जिम्मेदार हैं और कुछ मामलों में यूक्रेनी अधिकारी भी शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने जिनेवा में अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जारी कर इस भयानक सच्चाई का खुलासा किया है। यह रिपोर्ट पीड़ितों के गुप्त साक्षात्कारों, अदालती दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित है।

यूक्रेन पर सैन्य हमले के बाद से आम नागरिकों और युद्धबंदियों के खिलाफ दर्ज यौन हिंसा के 89 प्रतिशत मामलों में रूसी अधिकारी और सैनिक शामिल हैं और 11 प्रतिशत मामलों में यूक्रेनी बल भी जिम्मेदार पाये गये हैं।

रिपोर्ट में 24 फरवरी 2022 से जुलाई 2026 के अंत तक यौन हिंसा के 1,004 मामले दर्ज किये गये। ‘यूक्रेन पर रूसी संघ के पूर्णकालिक सैन्य हमले के संदर्भ में यौन हिंसा’ शीर्षक वाली यह 20 पृष्ठों की रिपोर्ट पीड़ितों के गुप्त साक्षात्कारों, अदालती दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने चिंता जताते हुए कहा कि रिपोर्ट में सामने आये ये घिनौने कृत्य यूक्रेन में जारी हिंसा के बीच अब भी जारी हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यौन हिंसा के सबसे ज्यादा शिकार हिरासत में लिये गये पुरुष बने, जबकि रूसी कब्जे वाले इलाकों में महिलाएं और बच्चे भी इसकी चपेट में आये। दर्ज मामलों में बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, जननांगों का अंगभंग करना, बिजली के झटके देना और बर्बरतापूर्वक मारपीट जैसी अमानवीय यातनाएं शामिल हैं। रूसी बलों से जुड़े इन मामलों में पीड़िता की न्यूनतम उम्र महज चार और अधिकतम 82 वर्ष पायी गयी।

पीड़ित पुरुषों के जननांगों पर सोवियत दौर के मिलिट्री फोन ‘तापीक’ के जरिये बार-बार बिजली के झटके दिये गये। रिपोर्ट के मुताबिक, 155 यूक्रेनी युद्धबंदियों और चिकित्साकर्मियों ने कम से कम एक बार ऐसे झटके झेलने की बात कही। एक कैदी का डंडे से, दूसरे का चाबी से और एक नागरिक का फावड़े के हत्थे से यौन उत्पीड़न किया गया।

रिपाेर्ट के अनुसार पीड़ितों या उनके परिवारों को डराने-धमकाने के लिए भी यौन हिंसा का सहारा लिया गया। जापोरिजिया में एक रूसी सैनिक ने महिला से महीने भर बार-बार दुष्कर्म किया और बदले में उसके पति को सही सलामत रखने का झांसा दिया। खेरसॉन में एक अन्य महिला को सामूहिक दुष्कर्म की धमकी देकर लगातार शिकार बनाया गया। कीव क्षेत्र में 2022 में दो रूसी सैनिकों ने पति की हत्या के बाद महिला से उसके चार वर्ष के बच्चे के सामने सामूहिक दुष्कर्म किया।

रिपोर्ट में यूक्रेनी अधिकारियों पर भी रूसी और अन्य देशों के युद्धबंदियों के साथ यौन हिंसा और धमकियों के मामले दर्ज हैं। इनमें जबरन नग्न करना, बिजली के झटके देना, मारपीट और यौन हमले के प्रयास शामिल हैं।

तुर्क ने कहा, “यौन हिंसा इस भीषण युद्ध का सबसे गंभीर पहलू है, जिसे कोई भी अंजाम दे, इसे तुरंत रुकना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि रूस को अपनी सेना के मामलों के मद्देनजर नागरिकों और युद्धबंदियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।उन्होंने रूस और यूक्रेन दोनों से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को सजा देने का आह्वान किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत रूस से तत्काल सैन्य बल का प्रयोग रोकने और सेना वापस बुलाने की अपील दोहरायी।

 

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