नई दिल्ली में एनजीटी के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोले पीएम मोदी, कहा- भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के साथ दुनिया को दे रहा है जलवायु परिवर्तन का ठोस समाधान

नई दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा आयोजित ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषय पर आधारित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस प्रतिष्ठित उद्घाटन सत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव के साथ-साथ 17 देशों के न्यायविद् और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल हुए। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने सदियों से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के मामलों में वैश्विक मार्गदर्शन किया है और आज देश अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता के बल पर आधुनिक जलवायु चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर रहा है।

प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत से आधा होने का किया जिक्र, भारत द्वारा समय से पहले पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने की सराहना

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विकासशील देशों पर कार्बन उत्सर्जन की अनुचित जिम्मेदारी डालने का प्रयास किया जाता रहा है, जबकि ऐतिहासिक सच्चाई यह है कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन आज भी वैश्विक औसत से आधे से भी कम है। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि भारत एकमात्र ऐसा जी-20 देश है जिसने पेरिस में आयोजित COP21 शिखर सम्मेलन में लिए गए अपने सभी पर्यावरण से जुड़े संकल्पों को निर्धारित समय-सीमा से बहुत पहले ही सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया है। इसके अलावा, देश में रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को एक नया आयाम मिला है।

‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ और इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसी पहलों का उल्लेख, भविष्य के रोडमैप के लिए चार तकनीकी सत्रों का आयोजन

पीएम मोदी ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), मिशन LiFE (पर्यावरण के लिए जीवनशैली), सीडीआरआई, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस जैसी दूरदर्शी पहलों का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी मंच वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव ने भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए स्वच्छ भारत मिशन और नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जैसे कदमों को देश के लिए मील का पत्थर बताया। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में नीति निर्माण, संस्थागत सहयोग और पर्यावरण न्याय से जुड़े अहम मुद्दों पर चार महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

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