सागर:मध्य प्रदेश के सागर जिले के बण्डा शाहगढ क्षेत्र मे जहरीली-अवैध शराब के सेवन से प्रभावितो के मामले मे फरार आरोपियो की परिजनो के नाम शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए है। बण्डा थाना क्षेत्र की निवासी शीलादेवी लोधी का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही बण्डा थाना प्रभारी को लाइसेंस में दर्ज 315 बोर राइफल को तत्काल थाने में जमा कराने का आदेश जारी किया गया है।पुलिस अधीक्षक सागर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, बण्डा निवासी आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत (पिता कोमल लोधी) एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध आबकारी एक्ट, मारपीट, गाली-गलौज, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा आर्म्स एक्ट के तहत कुल 12 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। हाल ही में उसके खिलाफ जहरीली शराब के निर्माण एवं विक्रय के गंभीर अपराध में मामला दर्ज किया गया था, जिसके सेवन से कई लोगों की मृत्यु हुई है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी मनीष लोधी अपनी मां शीलादेवी के नाम पर दर्ज शस्त्र लाइसेंस (क्रमांक 94/2023) का दुरुपयोग कर आम जनता को डराता-धमकाता था और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लाइसेंसधारक शीलादेवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। शीलादेवी ने अपने जवाब में कहा कि उनका पुत्र उनसे अलग रहता है और लाइसेंस का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है। हालांकि, प्रस्तुत तथ्यों, पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट और आपराधिक इतिहास का अवलोकन करने के बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने जवाब को असंतोषजनक पाया।भविष्य में शस्त्र के दुरुपयोग की संभावना और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर आयुध अधिनियम 1959 के प्रावधानों के तहत उक्त कार्रवाई की गई है।पुलिस अधीक्षक सागर से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर, ग्राम रूसल्ला (थाना बहेरिया) निवासी श्रीमती लवली ठाकुर पति संदीप सिंह कुशवाहा के नाम पर दर्ज शस्त्र लाइसेंस क्र. 03/2018 (जिसमें एक पिस्टल एवं एक 315 बोर राइफल दर्ज है) को निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि, लाइसेंसधारिका के देवर सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा के विरुद्ध थाना विनायका में गंभीर धाराओं (धारा 105, 123, 3(5) बीएनएस, 49ए आबकारी अधिनियम) के तहत मामला दर्ज है और वह फरार चल रहा है।लाइसेंसधारिका के पति संदीप सिंह कुशवाहा के विरुद्ध भी थाना बहेरिया, केन्ट एवं सिविल लाईन में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कुल 04 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।लाइसेंसधारिका को अपना पक्ष रखने के लिए कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। उनके अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत जवाब को समाधानकारक न मानते हुए तथा अनुज्ञप्ति शर्तों के उल्लंघन और जन-सुरक्षा के खतरे को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने आयुध अधिनियम 1959 के तहत उक्त शस्त्र लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश दिया।
थाना प्रभारी बहेरिया को निर्देश दिए गए हैं कि लाइसेंस पर दर्ज पिस्टल एवं 315 बोर राइफल को तत्काल जब्त कर थाने में जमा कराया जाए।
