इस्लामाबाद, 18 सितंबर (वार्ता) पाकिस्तान सेना के जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा है कि पाकिस्तान सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए “किसी भी सीमा तक” जाने को तैयार है और इसके वास्ते उनके देश की प्रतिबद्धता “बिना शर्त” है।
लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने एक साक्षात्कार में कहा, “हम हरमौन शरीफैन और सऊदी अरब साम्राज्य की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जायेंगे, जैसा कि हमारे सऊदी भाई मांग करेंगे और जिसकी आवश्यकता होगी।” उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान की जनता और सेना अपने सऊदी भाई-बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और पाकिस्तान सऊदी अरब की ओर होने वाली किसी भी आक्रामकता का मुकाबला करना जारी रखेगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी क्षेत्र पर हमले तेज कर दिये हैं और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी जवाबी हवाई हमले बढ़ा दिये हैं। आईएसपीआर प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान का राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व सऊदी नेतृत्व के साथ निरंतर संपर्क में है, जबकि इस्लामाबाद क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर इस संकट का कूटनीतिक और शांतिपूर्ण समाधान खोजने का भी प्रयास कर रहा है।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने भी इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि इस्लामाबाद सऊदी अरब के साथ हुए ‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते’ और ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हालांकि कहा कि सैन्य अभियानों की गोपनीयता के कारण बल प्रयोग की विस्तृत रणनीतियों का खुलासा नहीं किया जा सकता। उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए हूतियों से अपने हमले रोकने की अपील की।
गौरतलब है कि पाकिस्तान और सऊदी अरब ने सितंबर 2025 में रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत किसी एक देश पर आक्रामकता को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। बाद में इसमें तुर्की को शामिल करते हुए त्रिस्तरीय मक्का रक्षा समझौता किया गया, जिसे इस्लामाबाद ने विशुद्ध रूप से रक्षात्मक और सामूहिक निवारण का जरिया बताया है।
