अदालत ने 500 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में अंडमान के पूर्व सांसद और अन्य को जमानत देने से किया इनकार

नई दिल्ली, (वार्ता) पोर्ट ब्लेयर स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने पीएमएलए मामले में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पूर्व सांसद कुलदीप राय शर्मा, एएनएससीबीएल के प्रबंध निदेशक के मुरुगन, एएनएससीबीएल के ऋण अधिकारी के कलैवानन और कुलदीप राय शर्मा के सहयोगी संजय लाल की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि चारों आरोपियों ने पोर्ट ब्लेयर स्थित विशेष अदालत (पीएमएलए) में जमानत याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें विस्तृत सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया।

विशेष अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया साक्ष्य से पता चलता है कि चारों आरोपी अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक धोखाधड़ी और संबंधित फर्जी कंपनियों से जुड़े धन शोधन में सक्रिय रूप से शामिल थे।

न्यायालय ने अपने आदेश में पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए विभिन्न बयानों पर भरोसा करते हुए कहा कि आरोपियों की मिलीभगत से फर्जी कंपनियां बनाई गईं, बैंक निधियों का धोखाधड़ी से वितरण किया गया और बड़ी मात्रा में धनराशि कुलदीप राय शर्मा को रिश्वत के रूप में दी गई, साथ ही अचल संपत्तियों का भी अधिग्रहण किया गया।

 

 

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