
खंडवा। शहर में गणेश उत्सव की धूम चरम पर है, लेकिन अनंत चतुर्दशी पर होने वाले विसर्जन से पहले सड़कों की बदहाली ने चिंता बढ़ा दी है। 25 सितंबर से गणपति बप्पा की विदाई शुरू होगी और शहर-ग्रामीण से करीब 5000 से ज्यादा छोटी-बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। लेकिन जिन मार्गों से प्रतिमाएं विसर्जन कुंड तक जाएंगी, उन मार्गों की हालत बेहद खराब है। कहीं डामर पूरी तरह उखड़ गया है तो कहीं सड़क पर गिट्टी और चूरी बिखरी पड़ी है।10 से 22 फीट तक की बड़ी प्रतिमाओं और झांकियों को इन उखड़ी सड़कों से ले जाना अब आयोजकों के लिए चुनौती बन गया है। यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो प्रतिमाओं के खंडित होने और हादसे का डर बना हुआ है।
*शहर की लाइफ लाइन इंदौर रोड सबसे बदहाल*
सबसे खराब स्थिति जिला अस्पताल से इंदौर नाका होते हुए विसर्जन कुंड तक जाने वाली सड़क की है। शहर की 80 प्रतिशत प्रतिमाएं स्टेशन रोड, बांबे बाजार, घंटाघर, निगम तिराहा, शेर तिराहा होते हुए इसी मार्ग से झीलोद्धान और बैराग तालाब के स्थायी कुंड तक पहुंचती हैं। पूरे मार्ग पर डामर गायब है, जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिला अस्पताल के सामने तो सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया है।
*तीन पुलिया और आनंद नगर रोड पर भी बड़े गड्ढे*
कॉलोनियों की सड़कों का भी यही हाल है। आनंद नगर, रिहाड़ा रोड, पॉलिटेक्निक कॉलेज से स्टेट बैंक तक की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। तीन पुलिया क्षेत्र की सड़क सबसे ज्यादा खराब है। यहां से निकलने वाली प्रतिमाएं बांबे बाजार होते हुए विसर्जन के लिए जाती हैं। गड्ढों के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ने का खतरा है।
हरसूद रोड पर इंदिरा चौक, माता चौक, एनपीडी कॉलोनी और कहारवाड़ी में भी जगह-जगह गड्ढे हैं। पंधाना रोड पर मानसिंह मिल चौराहा और जलेबी चौक पर सड़क धंस गई है। इस मार्ग से 10 से अधिक बड़ी प्रतिमाएं भैरव कुंड पहुंचती हैं।
*50 से ज्यादा जगहों पर गड्ढे, जिम्मेदार मौन*
शहर और कॉलोनियों को मिलाकर 50 से ज्यादा जगहों पर गड्ढे बने हुए हैं। एमपीआरडीसी और पीडब्ल्यूडी की सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। नगर निगम की सड़कों पर भी गड्ढे दिखाई दे रहे हैं
