
ग्वालियर चंबल पृष्ठ के लिए
प्रशासन की डायरी
संजय भारद्वाज
आजकल शहर में जहां भी जाओ ऐसा लगता है जैसे पूरी व्यवस्था एक बड़े ‘कॉमेडी सर्कस’ की तरह चल रही है। सड़क का नक्शा हवा में बदला जा रहा है, सेहत के आंकड़ों में बाजीगरी जारी है, और अब कागजी अभियानों की पोल भी खुल गई है।
*एलिवेटेड रोड का ‘सरप्राइज लूप’*: शुरुआत शहर के सबसे बड़े विकास से, बिना एनओसी लिए साढ़े छह किमी की रोड बना दी गई। अब लक्ष्मीबाई समाधि से मुड़कर यह नदी गेट पर उतरेगी। हजीरा की जनता को रेलवे स्टेशन जाने के लिए पूरे शहर का ‘फ्री दर्शन टूर’ कराया जाएगा।
डेंगू कम हुआ, फिर भी बढ़ गए मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पॉजिटिविटी रेट 27.9 प्रतिशत से घटकर 2.1 प्रतिशत हो गया है, क्योंकि टेस्ट की संख्या ही कम कर दी गई है! हालांकि जेएएच की ओपीडी में एक ही दिन में 3,904 मरीज पहुँच गए, लेकिन कागजों में सब कुछ ‘नियंत्रण’ में है।
जल गंगा संवर्धन अभियान 104 दिन की मेहनत, फिर भी 15 हजार काम अधूरे
104 दिन तक जल संरक्षण का ढिंढोरा पीटा गया, लेकिन समीक्षा हुई तो पता चला कि 15 हजार से ज्यादा काम तो शुरू ही नहीं हुए या अधूरे पड़े हैं! स्वीकृत बजट 10,407.59 करोड़ रुपए था, पर खर्च सिर्फ 63.3 प्रतिशत ही हो पाया—बाकी पैसा ‘तकनीकी वजहों’ से अटका रहा।
बिना ऊर्जा मंत्री के हो गया ‘प्रमाण पत्र’ मेला
एक तरफ सड़कें जाम हैं और पानी का अभियान अधूरा है, वहीं दूसरी तरफ ऊर्जा मंत्री के आदेश पर मंच लगाया गया और 293 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र बांटकर उनके चेहरे पर ‘मुस्कान’ लाने का सफल प्रयास किया गया। कमी रह गई तो सिर्फ ऊर्जा मंत्री की। ऊर्जा मंत्री बीमार हैं और दिल्ली में इलाज चल रहा है
कृष्णा का इंटरनेशनल गोल्ड, पाई गौरवशाली उपलब्धि
देश का नाम रोशन कर शहर की बेटी कृष्णा शर्मा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन को हराकर, तिरंगा लहरा कर ग्वालियर आईं तो स्टेशन से लेकर उनके घर तक प्रशंसकों और परिवार वालों ने उनका जोरदार स्वागत किया। 18 वर्षीय कृष्णा शर्मा ने चीन में आयोजित जूनियर महिला एशिया कप में 5 गोल दागकर भारत को लगातार तीसरी बार चैंपियन बनाया है। जाहिर है कि अपने ग्वालियर के लिए यह बड़ी बात है। लिहाजा प्रशासन के बड़े अफसरान ने भी ग्वालियर की लाड़ली को मुबारकबाद दी।
