चेन्नई, 18 सितंबर (वार्ता) फ्रांसीसी कार निर्माता कंपनी रेनो ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई रेनो इंडिया ने श्रीलंका के लिए निर्यात फिर शुरू कर दिया है। रेनो इंडिया ने शुक्रवार को बताया कि चेन्नई से 100 गाड़ियों की पहली खेप रवाना हुई है, जिसमें बिल्कुल नई ट्राइबर, क्विड और काइगर शामिल हैं। इसके साथ ही रेनो के अंतर्राष्ट्रीय निर्यात का दायरा 16 देशों तक बढ़ गया है। श्रीलंका को निर्यात की जाने वाली गाड़ियां चेन्नई के ओरागडम स्थित रेनो इंडिया के संयंत्र में बनाई जा रही हैं। यह संयंत्र घरेलू जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों के लिए उत्पादन करता है। कंपनी ने श्रीलंका के प्रमुख वाहन वितरकों में से एक एएमडब्ल्यू मोटर्स के साथ साझेदारी करते हुए श्रीलंकाई बाजार में फिर से प्रवेश किया है। यह साझेदारी श्रीलंका में रेनो की वाणिज्यिक उपस्थिति में सहायता करेगी और बाजार में ब्रांड के विकास के अगले चरण के लिए आधार तैयार करेगी।
रेनो इंडिया के बिक्री एवं विपणन के उपाध्यक्ष फ्रांसिस्को हिडाल्गो ने श्रीलंका के लिए निर्यात फिर से शुरू होने की घटना को कंपनी की अंतरराष्ट्रीय विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “हम भारत में इंजीनियर की गई और बनाई गई गाड़ियों की पहुंच बढ़ाने की काफी संभावना देखते हैं। साथ ही, रेनो के लिए निर्यात के केंद्र के तौर पर भारत की भूमिका को मजबूत कर रहे हैं। हमारा फोकस लंबे समय के लिए टिकाऊ बाजार बनाने पर है, जिसे मजबूत स्थानीय साझेदारी और ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से उत्पाद पोर्टफोलियो का समर्थन मिले।” कंपनी ने धीरे-धीरे श्रीलंका में अपने पोर्टफोलियो के विस्तार की भी योजना बनाई है। बाद में नई डस्टर को भी श्रीलंकाई बाजार में पेश करने की योजना है। रेनो पहले से ही भारत में विनिर्मित वाहनों का कई विदेशी बाजारों में निर्यात कर रही है। उसने अब तक भारत से लगभग दो लाख वाहनों का दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब और दूसरे देशों को निर्यात किया है।

