भारत में ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए फेस्टिव सीजन बिक्री बढ़ाने का सबसे अहम दौर माना जाता है। इस दौरान कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए एक्सचेंज बोनस से लेकर कैश डिस्काउंट और दूसरे ऑफर्स तक देती हैं। अब इस फेस्टिव सीजन में कार खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक और बड़ी राहत की उम्मीद बन रही है।
जिसको लेकर रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सरकार GST के कुछ नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है। खासतौर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े नियमों में बदलाव की चर्चा काफी तेज है। अगर ऐसा होता है और इसका सीधा फायदा ऑटो कंपनियों को मिलेगा और वो कंपनियों की लागत घट सकती है। इसका असर ग्राहकों को मिलने वाले डिस्काउंट और ऑफर्स पर भी देखने को मिल सकता है।
कार कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद
जानकारी में सामने आ रहा है कि कार बनाने वाली कंपनियों को उत्पादन के दौरान कई तरह की सेवाओं और इनपुट पर टैक्स देना पड़ता है। ऐसे में इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था में बदलाव होने पर कंपनियों की टैक्स लागत और वर्किंग कैपिटल से जुड़ा दबाव कम होने की संभावना है। वहीं रिपोर्ट्स में इनपुट टैक्स क्रेडिट को हटाने या मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किए जाने जैसे विकल्पों पर चर्चा की बात कही गई है। लेकिन अंतिम फैसला होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि नियमों में किस तरह का बदलाव किया जाएगा।
फेस्टिव सीजन में बढ़ सकते हैं डिस्काउंट
जैसा कि सभी को पता है कि फेस्टिव सीजन में कार कंपनियां वैसे भी बिक्री बढ़ाने के लिए कई तरह के ऑफर्स देती हैं। अगर इस दौरान कंपनियों की लागत कम होती है तो वे उसका कुछ फायदा ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं। ऐसी स्थिति में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, कॉर्पोरेट ऑफर या डीलर-लेवल बेनेफिट बढ़ सकते हैं। जिसका सीधा मतलब है कि जो ग्राहक अक्टूबर-नवंबर के दौरान नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं उन्हें मौजूदा ऑफर्स के अलावा अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।
7 अक्टूबर को होगी GST काउंसिल की बैठक
रिपोर्ट में तो यह भी सामने आया है कि GST काउंसिल की 57वीं बैठक 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इससे पहले अधिकारियों के स्तर पर इन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। वहीं बैठक में इनपुट टैक्स क्रेडिट समेत GST से जुड़े अन्य मामलों पर भी विचार होने की संभावना है। लेकिन जब तक काउंसिल की ओर से कोई आधिकारिक फैसला नहीं आता तब तक कारों की कीमत या डिस्काउंट में निश्चित बदलाव की बात कहना जल्दबाजी होगी। अगर प्रस्तावित बदलाव मंजूर होते हैं और ऑटो कंपनियों को लागत में राहत मिलती है तो फेस्टिव सीजन में ग्राहकों के लिए बेहतर कार डील सामने आ सकती हैं।
