
बालाघाट। ईओडब्ल्यू ने मनेरी जिला बालाघाट समिति प्रबंधक के आवास पर आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी की। अब तक की जांच में लगभग 3 करोड़ रूपये से अधिक की संपत्ति उजागर हुई है। अन्य संपत्तियों एवं बैंक खातों, लॉकरों की जांच जारी है।
ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार विलास चौरे पिता स्व. मानिकचंद चौरे, प्रबंधक सेवा सहकारी समिति मर्यादित, मनेरी के खिलाफ भ्रष्टाचार से करोड़ों रूपये की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली। सत्यापन उपरांत शिकायत में आरोप सही पाये जाने पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। जिसके बाद गुरूवार को ईओडब्ल्यू, जबलपुर द्वारा विलास चौरे के लांजी बालाघाट स्थित आवास पर सुबह 6 बजे से सर्च कार्यवाही की। देर शाम तक सर्चिंग जारी रही।
यह संपत्तियां मिलीं
आरोपी विलास चौरे एवं उसके परिजनों के नाम पर अभी तक की गई सर्च कार्यवाही में जो संपत्तियां मिलीं हैं,उनमें 70 लाख का भूमि, प्लाट एवं मकान, 70 लाख का घरेलू सामान की इन्वेंट्री, 15 लाख की फोर व्हीलर स्कार्पियों महिन्द्रा न्यू, 12 लाख की सुजुकी ग्रैंड विटारा, 15 लाख की दो बोलेरो, 1 करोड़ की पांच लग्जरी स्लीपर बसें, 2.5 लाख की तीन टूव्हीलर मिली।
आठ खाते भी मिले-
आरोपी एवं परिजन के नाम से विभिन्न बैंक शाखाओं में 8 खातें एवं बीमा पॉलिसियां संचालित हैं। जिनकी अभी जमा राशि की जानकारी प्राप्त की जा रही है। अब तक की कार्यवाही में आरोपी की कुल अनुमानित लगभग 3 करोड़ रूपये की अनुपातहीन संपत्ति उजागर हुई है।
ऑपरेटर से प्रबंधक तक का सफर, 15 साल की नौकरी मेें आय से अधिक संपत्ति-
डीएसपी मनजीत सिंह के मुताबिक, विलास चौरे साल 2014 में संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर मनेरी सहकारी सोसायटी में नियुक्त हुए थे। धीरे-धीरे तरक्की करते हुए वे सोसायटी के प्रभारी प्रबंधक के पद तक पहुंच गए। पुलिस के अनुसार, इन करीब 15 सालों की नौकरी में उनकी कुल आय 20 से 22 लाख रुपये के आसपास ही होती है, लेकिन जांच में जो संपत्ति सामने आई है, वह इस आय से मेल नहीं खाती।
