
मंडला। गुरुवार को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंडला जिले की उप-तहसील बम्हनी बंजर में पदस्थ नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और उनके बाबू के रूप में काम कर रहे निजी कर्मचारी हरीश सिंगौर 42 वर्ष निवासी ढेको को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जमीन के नामांतरण के एवज में मांगी गई घूस की शिकायत पर की गई।
बताया गया कि ग्राम सिलगी निवासी 55 वर्षीय आवेदक रोहणी प्रसाद चंद्रौल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदक ने बताया कि उनके पिता झनक लाल के नाम पर ग्राम सिलगी में कृषि भूमि थी, जिसे उन्होंने वसीयत के माध्यम से अपने पोते आवेदक के बेटे आलोक चंद्रौल के नाम कर दिया था। इस जमीन के नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद जब आवेदक बम्हनी बंजर कार्यालय पहुंचा, तो वहां पदस्थ नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और उनके लिए काम कर रहे प्राइवेट व्यक्ति हरीश सिंगौर ने आदेश जारी करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की।
रंगे हाथों दबोचा
बताया गया कि रिश्वत मांगने की शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपियों ने आठ हजार रुपये में काम करने की सहमति दी। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और 17 सितंबर को बम्हनी बंजर उप-तहसील कार्यालय परिसर में आरोपी हरीश सिंगौर को 8 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
