सीधी: प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि बजरंग इण्डस्ट्रीज ग्राम हटवा तहसील सिहावल के प्रोपराइटर अमन यादव पिता धनीराम यादव द्वारा वर्ष 2025-26 में धान मिलिंग के लिए कुल 361 लॉट का अनुबंध किया गया था। एक लॉट में 433 क्विंटल धान निर्धारित था। इसके विरुद्ध जिला प्रबंधक कार्यालय द्वारा 285 लॉट के लिए डिलेवरी ऑर्डर जारी किया गया।
मिलर्स द्वारा डिलेवरी ऑर्डर के अनुपात में धान की पूरी मात्रा का उठाव किया गया लेकिन उठाए गए धान के विरुद्ध अब तक केवल 44 लॉट चावल जमा कराया गया है। एक लॉट में 290 क्विंटल चावल निर्धारित है। इस प्रकार 241 लॉट चावल जिसकी आर्थिक लागत 27.68 करोड़ रुपये है 15 सितम्बर 2026 तक जमा नहीं कराया गया। जिला प्रबंधक द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार मिलर्स की ओर से निगम के समक्ष 14 करोड़ रुपये की एफडीआर प्रस्तुत की गई थी। इसकी जांच संबंधित बैंक, भारतीय स्टेट बैंक शाखा सीधी से कराई गई। बैंक जांच में प्रस्तुत एफडीआर कूटरचित एवं फर्जी पाई गई।
प्रकरण में जिला प्रबंधक, मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड जिला सीधी को कारण बताओ सूचना जारी की गई है। साथ ही बजरंग इण्डस्ट्रीज के प्रोपराइटर अमन यादव के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान मिलिंग एवं शासकीय उपार्जन से संबंधित अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
