सतना : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से भटककर मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में पहुंचे हाथी को वापस खदेडऩे के प्रयास पिछले सप्ताह भर से किए जा रहे थे. लेकिन जब अन्य सभी प्रयास विफल हो गए और हाथी गोरसरी के जंगल में ही डटा रहा. तब उसे ट्रैंकुलाइज कर वापस भेजने का निर्णय ले लिया गया. एलीफैंट एडवाइजरी कमेटी की समीक्षा में इस बात पर सहमति बनने के बाद अगले 2-3 दिनों में रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं.
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक डॉ. श्रीमती समीता राजौरा की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से एलीफैंट एडवाइजरी कमेटी की बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में वन मण्डलाधिकारी वन मण्डल मैहर विद्याभूषण मिश्रा सहित, विषय विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए. समीक्षा के दौरान बताया गया कि नर हाथी ई-5 पिछले कुछ दिनों से रामनगर क्षेत्र अंतर्गत गोरसरी बीट में भ्रमण कर रहा है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से मैहर के रामनगर क्षेत्र में पहुंचने के अगले ही दिन हाथी ने पुरैना पंचायत के सिंगपुर मौहारी में जमकर उत्पात मचाया था.
इस दौरान हाथी द्वारा कुछ कच्चे घर ढहा दिए गए थे. जिसकर चपेट में आने से कुछ बकरियों की मौत हो गई थी. इसी दौरान घर के बाहर बंधे अपने बैलों को बचाने निकले वृद्ध कन्छेदी यादव को भी हाथी ने कुचल कर मार दिया था. जिसके बाद हाथी का मूवमेंट गोरसरी की ओर चला गया. लेकिन उसके बावजूद भी वह कभी खेत तो कभी बस्तियों की ओर पहुंचकर उत्पात कर रहा है. हलांकि बांधगढ़ से बुलाए गए कुम्मियों द्वारा हाथी को वापस भेजने के प्रयास किए गए. लेकिन इसके बावजूद भी कोई सफलता नहीं मिली.
रेस्क्यू में शामिल होंगे 4 हाथी
बैठक में नर हाथी ई-5 के एनिमल विहैवियर की समुचित समीक्षा करने के बाद सभी लोग इस नतीजे पर पहुंचे कि उसे ट्रैंकुलाइज कर उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाया जाए. सुमचित वैज्ञानिक प्रबंधन के अंतर्गत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन करते हुए उक्त हाथ का ट्रांलोकेशन टाइगर रिजर्व में किया जाए. हाथी को वापस भेजने के लिए कुम्मियों के साथ 2 हाथी पहले ही रामनगर पहुंच चुके थे. वहीं अब टाइगर रिजर्व से 2 अन्य हाथियों को भी बुला लिया गया है. इस प्रकार कुल 4 हाथियों के माध्यम से विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में रेस्क्यू करने का प्रयास किया जाएगा.
