मुंबई, (वार्ता) महाराष्ट्र में एग्रीबिजनेस नेटवर्क’ (मैग्नेट 2.0) पहल के तहत छह प्रमुख कृषि समूहों केला, अनार, आम, नींबू वर्गीय फल, काजू और हल्दी के मूल्य संवर्धन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। यह पहल निजी क्षेत्र के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के नए अवसर प्रदान करेगी।
बुधवार को मुंबई में आयोजित ‘मैग्नेट एग्रीबिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टर्स मीट’ को संबोधित करते हुए राज्य के कृषि विपणन एवं राजशिष्टाचार मंत्री तथा महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष जयकुमार रावल ने यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने निजी क्षेत्र को इन मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया।
इस निवेशक सम्मेलन में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, एशियाई विकास बैंक के प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों, निवेशकों, एग्रीबिजनेस कंपनियों, वित्तीय संस्थानों, निर्यातकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों ने हिस्सा लिया और महाराष्ट्र की कृषि मूल्य श्रृंखलाओं की जरूरतों पर चर्चा की।
प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत सालाना लगभग 6 लाख मीट्रिक टन कृषि उत्पादों की हैंडलिंग क्षमता और 1 लाख टन से अधिक की कोल्ड स्टोरेज क्षमता विकसित की जाएगी। इसके अंतर्गत एकीकृत एग्री-लॉजिस्टिक्स हब, ग्रेडिंग और सॉर्टिंग सुविधाएं, कोल्ड चेन नेटवर्क, प्रोसेसिंग यूनिट्स तथा निर्यात-उन्मुख बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है।
