
जबलपुर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की प्रिंसिपल बेंच में पदस्थ जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह बुधवार, 17 सितंबर को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में हाईकोर्ट में दोपहर 3:30 बजे फुल कोर्ट फेयरवेल आयोजित किया गया। जस्टिस सिंह के रिटायरमेंट के बाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या घटकर 38 रह गई है, जबकि कुल 53 स्वीकृत पदों में अब 15 पद रिक्त हो गए हैं। हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या पौने पांच लाख के पार होने के बीच न्यायाधीशों की रिक्तियां महत्वपूर्ण बनी हुई हैं।जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह ने 31 मई 1990 को सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। न्यायिक सेवा के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां निभाने के बाद उन्हें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 1 मई 2023 को शपथ ली। हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की। बुधवार को आयोजित फुल कोर्ट फेयरवेल में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने उनकी न्यायिक यात्रा को स्मरण किया।
पौने पांच लाख के पार केस
जस्टिस सिंह की सेवानिवृत्ति के साथ हाईकोर्ट में स्वीकृत 53 पदों के मुकाबले 38 न्यायाधीश ही कार्यरत रह गए हैं। यानी 15 पद खाली हैं। ऐसे समय में जब हाईकोर्ट में लंबित प्रकरणों का आंकड़ा पौने पांच लाख के पार पहुंच चुका है, रिक्त पदों को भरना अहम मुद्दा बना हुआ है। फुल कोर्ट फेयरवेल जस्टिस सिंह की तीन दशक से अधिक लंबी न्यायिक सेवा के औपचारिक समापन का अवसर रहा।
