सीबीओ के अनुसार, जून 2025 से अब तक अमेरिका अपने मिसाइल-डिफेंस इंटरसेप्टर स्टॉक का करीब आधा से दो-तिहाई हिस्सा इस्तेमाल कर चुका है और ईरान युद्ध के कारण इस भंडार में भारी गिरावट आयी है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गयी है कि यदि हथियारों का उत्पादन बढ़ाया भी जाता है, तो भी इस भंडार को पहले जैसी स्थिति में लाने में कम से कम पांच वर्ष का समय लगेगा। ईरान ने अमेरिकी रक्षा उपकरणों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। संस्था के अनुसार, अमेरिका को युद्ध के मैदान में लगभग 1.9 अरब डॉलर के सैन्य उपकरणों का नुकसान हुआ है, जिसमें 50 करोड़ डॉलर का टर्मिनल हाई ऑल्टीट्यूड एरिया डिफेंस रडार सिस्टम, लड़ाकू विमान और ड्रोन शामिल हैं। इस संघर्ष का आर्थिक असर अब अमेरिकी नागरिकों पर भी पड़ रहा है। युद्ध के कारण कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे महंगाई में उछाल आया है। ईंधन की बढ़ी हुई लागत का असर अब धीरे-धीरे देश की पूरी अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है।
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एमआर-10 वाइन शॉप पर डराकर 51,500 रुपए ऐंठे
Wed Sep 16 , 2026
इंदौर:एमआर-10 ब्रिज के पास वाइन शॉप पर युवक को डराकर क्रेडिट कार्ड से 51,500 रुपए निकलवाने के मामले में बाणगंगा पुलिस ने एक आरोपी और नाबालिग को पकड़ा है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार है.29 अगस्त की रात करीब 11 बजे स्कीम नंबर 136 निवासी दुर्गेश वाइन शॉप पर था. […]

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