सतना : कीचड़ से सनी कच्ची सडक़ के कारण एक ओर जहां बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं वहीं बीमार व्यक्ति को चारपाई पर लादकर लाना पड़ता है. आश्वासन दिए जाने के बावजूद भी पक्की सडक़ नहीं बनाई जा रही है. जिला कलेक्टोरेट पहुंचे स्कूली बच्चों ने प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंप कर सडक़ बनाए जाने की मांग की.जिले की रामपुर बघेलान तहसील अंतर्गत करमऊ गांव की पाल बस्ती के लगभग दो दर्जन स्कूली बच्चों के साथ आधा सैकड़ा रहवासी मंगलवार को जिला कलेक्टोरेट पहुंच गए. रामचंद्र पाल और दुर्गेश पाल के नेतृत्व में कलेक्टोरेट पहुंचे स्कूली बच्चों के हाथ में कागज की तख्तियां थीं.
जिसके जरिए पक्क्ी सडक़ की मांग की जा रही है. परिसर की पार्किंग के निकट एकत्रित बच्चों ने बताया कि पाल बस्ती से मुख्य मार्ग रघुनाथ पुर मार्ग तक की दूरी तकरीबन 1 किमी है. लेकिन उक्त मार्ग पक्का नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है. कीचड़ से सनी सडक़ की वजह से पिछजे 3 महीने से बच्चों स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. यदि कोई बीमार होता है तो उन्हें चारपाई पर लादकर लाना पड़ता है. यदि देरी के चलते समय पर उपचार नहीं मिला तो कभी कभी बीमार व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है. इसी कड़ी में पक्की पडक़ी की मांग को लेकर स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा और साथ ही चेतावनी भी दी कि मांगे पूरी न होने पर 23 सितंबर से चक्काजाम-शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे.
शिकायत वापस लेने का दबाव
स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने बताया कि पिछले महीने जनसुनवाई में समस्या बताए जाने पर सीईओ रामपुर बघेलान से निर्देश मिलने के बाद सरपंच-सचिव करमऊ और इंजीनियर द्वारा कुछ दूर तक रास्ता बनाया गया था. लेकिन वर्षा शुरु होते ही कार्य रुक गया. आश्वासन दिया गया था कि वर्षा रुकते ही कार्य पूरा कराया जाएगा. लेकिन कोई प्रगति होती न देख मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में कर दी गई. जिसके कारण सरपंच, सचिव और सहायक सचिव द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव व धमकी दे जी रही है.
