
खंडवा। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ और इंदिरा सागर डूब प्रभावित संघ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को किसानों और विस्थापितों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सब्जी मंडी पंधाना रोड पर दोपहर 12 से 3:30 बजे तक विशाल महासभा हुई, जिसमें आधा दर्जन जिलों के किसान और डूब प्रभावित शामिल हुए।महासभा के बाद सैकड़ों वाहनों के साथ विशाल रैली निकाली गई, जो जलेबी चौक, बॉम्बे बाजार होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। रैली में सबसे आगे खुली जीप में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी, गोपाल पाटीदार, रविदत्त, घनश्याम पटेल, सुजान सिंह राठौर, सुरेन्द्र खंडेलवाल, तिलोक पटेल सवार थे। पूरी रैली के दौरान हृ॥ष्ठष्ट की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।सभा को संबोधित करते हुए कक्काजी ने कहा कि लोकतंत्र में चारों स्तंभों की कोई कीमत नहीं रह गई है।
डूब प्रभावितों को न्याय नहीं मिल रहा है, सरकार नाइंसाफी कर रही है। सरकार को रेल, सडक़ और अन्य परियोजनाओं से प्रभावितों को चार गुना मुआवजा देना ही पड़ेगा।प्रदेश संगठन मंत्री गोपाल पाटीदार ने कहा कि इंदिरा सागर बांध के विस्थापितों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? इन्हें भी सरदार सरोवर और ओंकारेश्वर परियोजना की तरह स्पेशल पैकेज और पुनर्वास मिलना चाहिए। संचालन उदित नांदिया ने किया, आभार जिला अध्यक्ष तिलोक पटेल ने माना।कलेक्ट्रेट पहुंचने पर कलेक्टर मौजूद नहीं मिले तो किसानों में आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप किसानों ने प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, मुख्यमंत्री और कलेक्टर खंडवा के नाम लिखे चार ज्ञापन वहां घूम रहे श्वान के गले में डाल दिए।ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग लागू करने, फसल बीमा में सुधार, नया हरसूद में भूखंडों पर मालिकाना हक, शासकीय ऋण सुविधा, उद्योगों की स्थापना और एनएचडीसी की लापरवाही से लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई है।
