जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट से पूर्ण एनएबीएच मान्यता नहीं होने के आधार पर सीजीएचएस पैनल से हटाए जाने की कार्रवाई के खिलाफ जबलपुर के चार नेत्र अस्पतालों को अंतरिम राहत मिली है। हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक इन अस्पतालों को पूर्ण एनएबीएच मान्यता की शर्त पूरी नहीं करने के आधार पर सीजीएचएस पैनल से हटाने पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी ने हुसैन आई केयर सेंटर सहित की याचिका पर यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि इसी तरह का विवाद विभिन्न हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है और समान परिस्थितियों वाले पक्षकारों को अंतरिम संरक्षण दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता ने नोटिसस्वीकार करते हुए जवाब पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। कोर्ट ने समय देते हुए अंतरिम आदेश जारी रखा। याचिका में हुसैन आई केयर सेंटर के साथ विजन आई केयर हॉस्पिटल, नेत्रधाम आई हॉस्पिटल व अग्रवाल आई एंड चाइल्ड केयर सेंटर शामिल हैं।
मामला सीजीएचएस के 22 दिसंबर, 2025 के कार्यालय ज्ञापन से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने एनएबीएच मान्यता संबंधी शर्तों को चुनौती देते हुए अंतरिम संरक्षण की मांग की थी। हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं को पूर्ण एनएबीएच मान्यता की अनुपालना नहीं करने के आधार पर सीजीएचएस पैनल से हटाया नहीं जाएगा। मामले की अगली सुनवाई पांच अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।
