जबलपुर:हाईकोर्ट ने 38.50 लाख रुपये की फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी के मामले में आरोपित उमेश कांतिलाल पटेल को जमानत देने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति द्वारकाधीश बंसल की एकलपीठ ने कहा कि मामले में गंभीर अपराध के आरोप के मूल तथ्य एफआईआर में ही मौजूद थे। इसलिए पुलिस को जांच पूरी
कर चार्जशीट दाखिल करने के लिए 90 दिन की अवधि मिलेगी, ना कि 60 दिन।
मामला अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र का है। संतोष कुमार चौरसिया की शिकायत पर पुलिस ने 4 दिसंबर 2024 को उमेश कांतिलाल पटेल और
अंकित मालीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग और निवेश पर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 38.50
लाख रुपये ठगे गए। जांच के दौरान गंभीर आपराधिक आरोप भी जोड़े गए।
आरोपित ने तर्क दिया कि पुलिस ने 60 दिन में चार्जशीट पेश नहीं की, इसलिए उसे
जमानत का अधिकार है। हाई कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि बाद में गंभीर आरोप जोड़े जाने के बावजूद यदि उसके मूल तथ्य एफआईआर में पहले से मौजूद हैं, तो चार्जशीट के लिए 90 दिन की अवधि ही मानी जाएगी। कोर्ट ने पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए विशेष न्यायालय का आदेश बरकरार रखा।
