
जबलपुर। शादी के समय कुछ नहीं चाहिए कहने वाले ससुराल पक्ष ने फेरे होते ही रंग बदल लिया। अब महिला को वापस बुलाने के एवज में 2 करोड़ रुपये गिफ्त के रूम में डिमांड करने लगे। विजयनगर पुलिस ने सोमवार को सूरत के कारोबारी पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, कंचन विहार रोड विजयनगर निवासी 28 वर्षीय आयुषी जैन का विवाह 3 जुलाई 2024 को सूरत गुजरात निवासी आदि शाह के साथ जबलपुर के प्रतिष्ठित शॉन एलिजे होटल से हुआ था। आयुषी के परिवार ने बताया कि रिश्ता तय होते समय लडक़े वालों ने कहा था कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए। लेकिन शादी की तारीख नजदीक आते ही उन्होंने बिना किसी आर्थिक सहयोग के महंगी डेस्टिनेशन वेडिंग का दबाव बनाया और लडक़ी के पिता पर वीआईपी मेहमानों को कीमती तोहफे देने के लिए मजबूर किया। शादी के मंडप में भी ससुराल वालों के नखरे कम नहीं हुए। 2 और 3 जुलाई को रस्मों के दौरान वर पक्ष ने लडक़ी वालों पर इज्जत न करने का आरोप लगाकर पूरे खानदान के लिए सोने के आभूषण और कैश की डिमांड रख दी। हद तो तब हो गई जब हल्दी के कार्यक्रम में सास ममता शाह ने आयुषी की मां को सरेआम धक्का देकर बेइज्जत किया। शादी के बाद 4 जुलाई को जब विदा होकर आयुषी सूरत पहुंची, तो सास-ससुर ने मायके वालों से बात करने पर पाबंदी लगा दी। यही नहीं, आयुषी के खुद के और शादी में मिले सारे जेवर सास ने अपने कब्जे में ले लिए। शादी के कुछ दिन बाद पति आदि शाह अपने काम पर गुरुग्राम गुडग़ांव लौट गया। सूरत के घर में आयुषी को अकेली पाकर सास ममता शाह और ससुर प्रदीप एम. शाह ने उसे कम दहेज लाने के उलाहने देकर मानसिक और शारीरिक रूप से टॉर्चर करना शुरू कर दिया। जब आयुषी ने रोते हुए पति को फोन पर आपबीती सुनाई, तो पति ने सांत्वना देने के बजाय उसका फोन काट दिया। इसके बाद नवंबर 2024 में पति ने खुद आकर आयुषी के साथ जमकर अभद्र व्यवहार किया।
बेटी की खुशहाली चाहिए तो 2 करोड़ दो
विवाद बढ़ता देख लडक़ी पक्ष ने दोनों परिवारों की एक सामाजिक बैठक बुलाई। इस बैठक में भी लडक़े वालों के तेवर कम नहीं हुए। सरेआम लडक़ी वालों को जलील करते हुए उन्होंने कहा, अगर अपनी बेटी को खुश देखना चाहते हो, तो दामाद को 2 करोड़ रुपये गिफ्ट करो, नहीं तो लडक़ी को मायके में ही रखो।
सालभर से नंबर ब्लॉक, बीमार होने पर भी नहीं कराया इलाज
तनाव और प्रताडऩा के कारण आयुषी गंभीर रूप से बीमार हो गई थी लेकिन पति ने उसका इलाज तक नहीं कराया और उसे मायके छोड़ दिया। पिछले करीब एक साल से पति ने आयुषी का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर रखा है और उससे पूरी तरह संपर्क तोड़ दिया है। मायके वालों ने कई बार सुलह की कोशिश की, लेकिन ससुराल पक्ष 2 करोड़ की जिद पर अड़ा हुआ है। हार मानकर पीडि़ता ने थाने में न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद सोमवार को पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।
