
दमोह। गंभीर व जटिल आपराधिक प्रकरणों के त्वरित, निष्पक्ष और वैज्ञानिक अनुसंधान को सशक्त बनाने की दिशा में दमोह पुलिस को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘सीन ऑफ क्राइम’ (Scene of Crime) मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इस नई व्यवस्था से घटनास्थल पर ही साक्ष्यों के संकलन, संरक्षण व प्राथमिक परीक्षण में पुलिस बल को तकनीकी दक्षता प्राप्त होगी।इस आधार पर पुलिस अधीक्षक दमोह, आनंद कलादगि (भा.पु.से.) द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन कर वाहन को कर्तव्य स्थल के लिए रवाना किया गया। पूजनोपरांत पुलिस अधीक्षक ने वैन में मौजूद अत्याधुनिक उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा फॉरेंसिक विशेषज्ञों व तकनीकी टीम से उनके संचालन और कार्यप्रणाली की जानकारी ली।मोबाइल फॉरेंसिक वैन की प्रमुख विशेषताएं व तकनीकी संसाधन,
उन्नत फॉरेंसिक किट। फिंगरप्रिंट व फुटप्रिंट लिफ्टिंग किट, बैलिस्टिक जांच किट, बायोलॉजिकल सैंपलिंग किट, नारकोटिक्स व टॉक्सिकोलॉजी प्राथमिक जांच किट।
अत्याधुनिक फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी
घटना स्थल के 360-डिग्री दस्तावेजीकरण और सूक्ष्म साक्ष्यों को रिकॉर्ड करने हेतु हाई-रिज़ॉल्यूशन डिजिटल कैमरे और सर्च लाइट्स।
साक्ष्य संरक्षण व्यवस्था
जैविक साक्ष्यों को नष्ट होने से बचाने के लिए डीप-फ्रीजर/कोल्ड स्टोरेज की सुविधा।पोर्टेबल रैपिड टेस्टिंग टूल्स: रक्त, विस्फोटक व रासायनिक पदार्थों की पहचान के लिए प्राथमिक ऑन-स्पॉट रासायनिक परीक्षण किट।पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने बताया कि “पारंपरिक पुलिसिंग के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समावेश वर्तमान समय की अनिवार्य मांग है। इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से हमारी टीमें अब जघन्य व जटिल अपराधों (जैसे हत्या, डकैती, बलात्कार, साइबर व डिजिटल फ्रॉड के भौतिक साक्ष्य) के घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर वैज्ञानिक विधि से साक्ष्य जुटा सकेंगी। इससे साक्ष्यों के संदूषित (contaminate) या नष्ट होने का जोखिम न्यूनतम होगा, जिससे न्यायालय में अभियोजन पक्ष को मजबूत आधार मिलेगा और अपराधियों को शीघ्र व कठोर सजा सुनिश्चित। कराई जा सकेगी
इस कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, रक्षित निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा व पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
