चिकित्सा तकनीक का लक्ष्य मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज देना: प्रो डॉ भूपेंद्र कुमार

देहरादून। चिकित्सा तकनीक का उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि मरीजों को बेहतर उपचार, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। किसी भी नई तकनीक की वास्तविक सफलता इस बात से तय होनी चाहिए कि उससे मरीजों को कितना लाभ मिलता है। यह बात एम्स गुवाहाटी के अध्यक्ष प्रो. डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह संजय ने कही।

एम्स गुवाहाटी ने नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज, इंडिया के सहयोग और वैद्यरक्स के ज्ञान सहयोग से आयोजित चिकित्सा तकनीक कार्यशाला में प्रो. डॉ. संजय ने कहा कि चिकित्सा तकनीक ने बीमारी की पहचान, उपचार, मरीजों की निगरानी और सर्जरी के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं। अब आवश्यकता ऐसी तकनीक विकसित करने की है, जो मरीजों की वास्तविक जरूरतों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि किसी भी नई चिकित्सा तकनीक के विकास से पहले यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि “इससे मरीज को क्या फायदा होगा?”

उन्होंने कहा कि चिकित्सा तकनीक किफायती, सुलभ और समाज के लिए उपयोगी होनी चाहिए। इसकी सफलता तभी मानी जा सकती है, जब वह मरीजों के जीवन को बेहतर बनाने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करे।
प्रो. डॉ. संजय ने कहा कि मरीज-केंद्रित चिकित्सा तकनीक विकसित करने के लिए डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग, स्टार्टअप, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को मिलकर काम करना होगा। चिकित्सकों की व्यावहारिक जरूरतों और तकनीकी विशेषज्ञता के बीच बेहतर तालमेल से ही ऐसे नवाचार विकसित किए जा सकते हैं, जो अस्पतालों और मरीजों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें।

उन्होंने चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में युवा उद्यमियों और स्टार्टअप की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार नए विचारों पर काम कर रहे युवाओं को चिकित्सकीय मार्गदर्शन, शोध सहयोग, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और अपनी तकनीक के परीक्षण एवं उपयोग के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। डॉक्टरों को भी तकनीक के विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाया जाना जरूरी है।
कार्यशाला में स्वास्थ्य, जैव प्रौद्योगिकी, चिकित्सा तकनीक, अनुसंधान और उद्यमिता से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। इनमें एम्स गुवाहाटी के कार्यकारी निदेशक प्रो. अशोक पुराणिक, एम्स कल्याणी के अध्यक्ष प्रो. वाई.के. गुप्ता, नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज के अध्यक्ष प्रो. दिगंबर बेहरा, आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन के निदेशक एवं सीईओ डॉ. जितेंद्र शर्मा सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे।
प्रो. डॉ. संजय ने कहा कि तकनीक स्वयं मंजिल नहीं, बल्कि मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का माध्यम है। चिकित्सा क्षेत्र में किसी भी नवाचार की वास्तविक सफलता तभी है, जब वह बेहतर, किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान दे।

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