
नयी दिल्ली, 14 सितंबर (वार्ता) मारुति सुजुकी इंडिया ने सोमवार को बताया कि उसने भारत में बनी जिम्नी 5-डोर, फ्रोंक्स और ई विटारा की एक लाख इकाइयों का जापान में निर्यात करने की उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है कि जापान दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी और उन्नत वाहन बाजारों में से एक है। मारुति सुजुकी ने जापान में फ्रोंक्स का निर्यात अगस्त 2024 में शुरू किया था। दिसंबर 2024 में जिम्नी 5-डोर का निर्यात शुरू हुआ। कंपनी के पहले इलेक्ट्रिक वाहन ई विटारा का निर्यात सितंबर 2025 में शुरू हुआ था। जिम्नी 5-डोर और ई विटारा का निर्माण सिर्फ भारत में ही होता है। जापान वित्त वर्ष 2025-26 संख्या के हिसाब से मारुति सुजुकी का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बाजार बन गया और मौजूद वित्त वर्ष में अब तक बना हुआ है। साथ ही सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन पिछले वित्त वर्ष में जापान की सबसे बड़ी वाहन आयातक कंपनी बन गई है। इसमें लगभग शत-प्रतिशत वाहन मारुति सुजुकी के बनाए हुए हैं।
मारुति सुजुकी इंडिया जापानी कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन की इकाई है। इसमें उसकी 58.65 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष सार्वजनिक हिस्सेदारी है। मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा, “जापान को जिम्नी 5-डोर, फ्रोंक्स और ई-विटारा की एक लाख से अधिक इकाई का निर्यात करना देश की विनिर्माण क्षमता का एक बड़ा सबूत है। यह उपलब्धि भारत-जापान साझेदारी के शानदार विकास को भी दिखाता है। सुज़ुकी का भारत में वाहन बनाने का जो विजन था, वह अब एक मुकाम पर पहुंच गया है, क्योंकि ‘मेड-इन-इंडिया’ गाड़ियों को जापानी ग्राहकों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इस सफलता की वजह से जापान मारुति सुजुकी के निर्यात के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है।
