
सिंगरौली । जयंत खदान विस्तार से प्रभावित परिवारों के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए मोरवा में सिंगरौली पुनर्वास सेवा संघ का गठन किया गया। मोरवा के वार्ड क्रमांक-5 में बूढ़ी माई मंदिर के पास संघ कार्यालय का उद्घाटन करते हुए संगठन की जिम्मेदारियां तय की गईं। पूर्व विधायक रामलल्लू बैस को संरक्षक, देवसर विधायक डॉ. राजेंद्र मेश्राम को संयोजक, त्रिवेणी सिंह को अध्यक्ष, प्रयागलाल वैश्य को सचिव तथा भगवान दास बैस को कार्यालय मंत्री बनाया गया। कार्यक्रम में प्रवीण तिवारी, राजेश्वर बैस, राजेश गुप्ता, दयानंद बैस, दिनेश शाह, बाबूलाल प्रजापति और संजीव सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार मौजूद रहे।
संघ का उद्देश्य एनसीएल के जयंत खदान विस्तार से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन लाभ दिलाने के लिए उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर पर उठाना है। संगठन ने वर्ष 2011 की विस्थापन प्रक्रिया में मिले लाभों और वर्तमान प्रक्रिया के बीच अंतर को स्पष्ट करने की मांग की। प्रभावित परिवारों का कहना है कि मकानों की नापी और मुआवजा निर्धारण के साथ आरएंडआर लाभ भी पात्रता के अनुसार सुनिश्चित किए जाएं। सरकारी, वन भूमि, पट्टा अथवा वैध एग्रीमेंट पर वर्षों से बसे परिवारों के अधिकारों को भी संगठन प्रमुखता से उठाएगा।
