
इंदौर. लोन की रकम गलती से बैंक खाते में जमा होने की बात कहकर एक व्यक्ति को लिंक भेजकर क्लिक करवाया गया. लिंक खोलने के बाद उसके खाते में आई 2.17 लाख रुपए की रकम दूसरे बैंक खाते में चली गई. बाद में फाइनेंस कंपनी से फोन आने पर उसे पता चला कि उसके नाम पर लोन स्वीकृत हुआ है. मामले में खुडैल पुलिस ने जांच शुरू की है.
पिवड़ाय निवासी व्यक्ति के एसबीआई खाते में 31 जुलाई को 2 लाख 17 हजार 339 रुपए ऑनलाइन जमा हुए थे. 4 अगस्त को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल कर खुद को पुनेवाला फिनकॉर्प से बताया और रकम गलती से खाते में जमा होने की बात कही. रकम वापस करने के नाम पर उसने मोबाइल पर एक लिंक भेजा और उसे क्लिक करने को कहा. शिकायतकर्ता ने लिंक पर क्लिक किया तो खाते में आई रकम वापस जाने के बजाय बैंक ऑफ इंडिया के एक अन्य खाते में ट्रांसफर हो गई. अगले दिन फाइनेंस कंपनी से फोन आया कि उसके नाम पर 2.17 लाख रुपए का लोन मंजूर हुआ है और उसकी ईएमआई सितंबर से शुरू होगी. इसके बाद उसे ठगी का पता चला. पुलिस मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी के आधार पर जांच कर रही है.
