
जबलपुर। मदनमहल पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मॉडल रोड पर घेराबंदी कर उड़ीसा के एक अंतरराज्यीय तस्कर को रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी के पास से 10 किलो 168 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 5 लाख 8 हजार 400 रुपये बताई जा रही है। इस पूरी तस्करी के पीछे जबलपुर के ही एक शातिर अपराधी मलखान का हाथ सामने आया है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। जिसकी गिरफ्तारी के बाद जबलपुर और उड़ीसा के बीच चल रहे इस बड़े नेटवर्क में कई अन्य चेहरों का खुलासा हो सकता है।
मदनमहल थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना थी कि मॉडल रोड पर बस से उतरा एक अधेड़ शहर में नशे की बड़ी खेप सप्लाई करने की फिराक में है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच और मदनमहल थाने की टीमों ने घेराबंदी की और संदिग्ध को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। पकड़े गए रवि कुमार पिता बबन ओझा, 50 वर्ष निवासी उड़ीसा के झारसुगुड़ा बस स्टैंड के पास का तस्करी के इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। जब एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोपी के दोनों बैगों की सघन तलाशी ली गई, तो 10 पैकेटों में भरा 10 किलो 168 ग्राम कीमती गांजा मिला।
तीन पत्ती बस स्टैंड पर होनी थी डिलीवरी
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी रवि कुमार से पूछताछ की, तो उसने जबलपुर के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। आरोपी ने बताया कि वह पाटन रोड के रहने वाले मलखा के साथ ही उड़ीसा से बस में सवार होकर आया था। योजना के मुताबिक, दोनों को तीन पत्ती बस स्टैंड पर मिलना था। लेकिन शातिर मलखान पुलिस चेकिंग के डर से बस स्टैंड आने से कुछ दूर पहले ही चुपके से बस से उतर गया और रवि कुमार को माल लेकर आगे भेज दिया। आरोपी रवि के मुताबिक, गांजे की इस पूरी खेप की डीलिंग और मुख्य नेटवर्क की पूरी जानकारी मलखान को ही है। मदनमहल पुलिस ने आरोपी रवि कुमार के कब्जे से 10 किलो 168 ग्राम अवैध गांजा, तस्करी में प्रयुक्त दोनों बैग और मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। मलखान की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
