
सीधी। सडक़ों में गौवंश बेसहारा घूम रहे हैं। ऐसे में दुर्घटनाओं के शिकार गौवंश और राहगीर हो रहे हैं। समस्या का स्थाई निदान जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी है। शहर और मुख्य मार्ग सहित राष्ट्रीय राजमार्ग में आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
जिले की सभी सडक़ों में गौवंशों को असहाय हालत में विचरण या बैठे हुए देखा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 39 में जगह-जगह गौवंशों का जमावड़ा बना हुआ है। इसी तरह अन्य मुख्य मार्गों में भी गौवंश निराश्रित नजर आ रहे हैं। दुखद पहलू यह है कि वाहनों की चपेट में आने से गौवंश घायल होने के साथ ही मौत के गाल में भी समा रहे हैं। सीधी शहर में ही गौंवशों का जमावड़ा मुख्य मार्गों के साथ ही मोहल्लों के अंदर बना हुआ है। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण एवं सुरक्षा को लेकर प्रदेश से लेकर जिला स्तर पर बीच-बीच में दावे तो किये जाते हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
सीधी जिले में करीब आधा सैकड़ा गौशालाओं के संचालन का दावा किया जा रहा है। बावजूद इसके सडक़ों पर से गौवंशों की संख्या कम नहीं हो रही है। कारण साफ है कि गौशालाओं का संचालन करने की जिम्मेदारी जिनकों दी गई है उनके द्वारा औपचारिकताएं ज्यादा की जा रही हैं। आवारा गौवंशों की संख्या लाखों में हैं उसके मुकाबले जो गौशालाएं संचालित हो रही हैं वह काफी कम है। जानकारों का कहना है कि बड़े क्षेत्रफल में गौ अभ्यारण्यों का संचालन शुरू कराया जाय तभी आवारा गौवशों की समस्या पर कुछ लगाम लगना नजर आयेगा। सीधी जिले में गौ अभ्यारण्य बनाने को लेकर कोई भी प्रगति सालों से नजर नहीं आ रही है। जिला प्रशासन के समक्ष आवारा गौवंश बड़ी चुनौती बने हुए हैं। जिसको लेकर सार्थक प्रयास भी नहीं किये जा रहे हैं।
घटनाक्रम-1
सीधी में विकास भवन के सामने 2 सांडों के भिडऩे से करीब आधे घंटे तक यातायात थमा रहा। सांडों की भिडंत की चपेट में आने से इनोवा कार का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। 6 दिन पहले सांडों की जबरदस्त भिडंत का वीडियो भी सोशल मीडिया में काफी तेजी के साथ वायरल होता रहा।
घटनाक्रम-2
शहर से लगे कोतरखुर्द गाड़ा में गुलाब पेट्रोल पम्प के पास आज एक गाय का एक्सीडेंट हो गया। दरम्यानी रात किसी वाहन की चपेट में आने से यह गाय गंभीर रूप से घायल हो जाने से सडक़ पर ही लेटी हुई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ लोगों द्वारा उपचार की गुहार लगाई जा रही थी।
इनका कहना है
राष्ट्रीय राजमार्ग, अन्य मुख्य मार्गों एवं शहर में गौवंशों के दुर्घटना का शिकार होने के मामले में संबंधित विभागों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जायेगी।
बी.पी.पाण्डेय, एडीएम सीधी
