
झाबुआ. झाबुआ जिले में लगभग आठ दिनों के अंतराल के बाद एक बार फिर से वर्षा ने दस्तक दी। इस रिमझीम बारिश से लोगों को गर्मी एवं उमस से राहत मिली वहीं किसानों ने भी राहत की सांस ली,इस वर्षा जल से फसलों को नया जीवन दान मिल गया है। जिले में इस साल वर्षा आधी से भी कम रही है,जिसके चलते फसलें खराब होने लगी थी,कल हुई इस वर्षा ने लोगों को राहत प्रदान की है।
भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी अनुसार पिछले चैबिस घंटों में झाबुआ में 8.2एम.एम,रामा में 20 एम.एम.,थांदला में 1 एम.एम.,पेटलावद में 12.4 एम.एम,रानापुर में 8.1एम.एम.,तथा मेघनगर में 3 एम.एम.बारिश दर्ज की गई जिले में इस साल दिनांक 12 सितंबर तक कुल औसत वर्षा 481.6 एम.एम.दर्ज की गई है जबकिविगत वर्ष आज दिनांक तक कुल वर्षा 822.8 एम.एम.दर्ज की गई थी। इस तरह से इस साल आज दिनांक तक जिले में आधी बारिश ही दर्ज की गई है। जिले में अल्प वर्षा की स्थिति के चलते नदी,तालाब,कुंए,बावडीयां रिते पडे हुए है। फसले भी प्रभावित हुइई है। इस कारण से सब्जीयों के दाम भी उंचे ही है।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो अगले एक दो दिन तक वर्षा होने के आसार है। जिले में कुल औसत वर्षा 32 इंच की आवश्यकता होती है जिसके मुकाबले इस साल अभी तक 19 इंच बारिश ही हुई है। जिले में अवर्षा के कारण चिंता की स्थिति भी बनी हुई है।
जिले में अगर अवर्षा की स्थिति बनती है तो फिर यहां पर रोजगार का संकट खडा होगा और आदिवासीयों को काम की तलाश में फसल कटाई के तुरंत बाद ही काम की तलाश में बहार पलायन करने को मजबूर होना पडेगा।
वहीं अवर्षा से क्षेत्र में कानून व्यवस्था भी प्रभावित होने की संभावना रहेगी। क्योंकि जिले में अवर्षा की स्थिति,रोजगार की कमी,के चलते चैरी,चकारी का डर भी रहेगा। जिसके लिये पुलिस प्रशासन को अभी से कमर कस कर चैकसी बरतना आवश्यक होगा,वहीं जिला प्रशासन एवं सरकार को भी जिले में रोजगार के लिये उचित व्यवस्था करने की और ध्यान देना होगा!
