महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लंदन के हाउस ऑफ कॉमन्स में अंग्रेजी में धमाकेदार भाषण देकर ब्रिटिश संसद को पूरी तरह से अचंभित कर दिया

लंदन,  महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इन दिनों अपने राजनीतिक उठापटक के बजाय ब्रिटेन के दौरे पर दिए गए एक ऐतिहासिक भाषण को लेकर पूरी दुनिया में सुर्खियों में छाए हुए हैं। लंदन स्थित ब्रिटिश संसद के प्रतिष्ठित हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित ‘इंटरनेशनल कॉन्क्लेव 2026’ के दौरान आम तौर पर मराठी और हिंदी में सहज रहने वाले एकनाथ शिंदे ने बेहद प्रभावशाली और धाराप्रवाह अंग्रेजी में संबोधन दिया। उनके द्वारा महाराष्ट्र के विकास मॉडल, बुनियादी ढांचे की क्रांति और महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषयों पर रखी गई बातों को सुनकर वहां मौजूद विदेशी मेहमान और ब्रिटिश सांसद भी उनके मुरीद हो गए और तालियों से उनका स्वागत किया।

लाडकी बहिन योजना और मां के नाम को प्राथमिकता देने के फैसलों का जिक्र, विदेशी धरती पर चमकी महाराष्ट्र की साख

संबोधन के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विशेष रूप से ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे इस पहल ने राज्य की गरीब और कमजोर वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने गर्व के साथ यह भी साझा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान ही सरकारी दस्तावेजों में पिता के नाम के साथ मां का नाम भी अनिवार्य रूप से जोड़ने की ऐतिहासिक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिससे महाराष्ट्र ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बना। शिंदे ने कहा कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और आधुनिक प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है, जिसके चलते आज महाराष्ट्र देश का सबसे अग्रणी निवेश गंतव्य बन चुका है।

ब्रिटिश संसद में ‘स्टेट्समैनशिप अवॉर्ड’ से सम्मानित हुए शिंदे, निवेशकों से ग्रीन कैपिटल और टेक्नोलॉजी लाने का आग्रह

इस शानदार और सफल दौरे के दौरान एकनाथ शिंदे को ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित ‘महाराष्ट्र, इंडिया, यूके डायलॉग’ के मंच पर प्रतिष्ठित ‘स्टेट्समैनशिप अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया, जो उन्हें बैरोनेस गीता नरगुंड, लॉर्ड रेमिरेंजर और लॉर्ड रवेल के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया। पुरस्कार ग्रहण करने के बाद शिंदे ने ब्रिटिश निवेशकों और उद्यमियों को खुला आमंत्रण देते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र के विशाल बाजार, कुशल कार्यबल और मजबूत बुनियादी ढांचे का लाभ उठाएं तथा राज्य में ग्रीन कैपिटल व अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का निवेश कर पर्यावरण-अनुकूल विकास में अपनी साझेदारी निभाएं।

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