पटना, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार के गया, गुरुग्राम और नई दिल्ली में रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े 9 परिसरों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से लिए गए 85 करोड़ रुपये के लोन में से 58 करोड़ रुपये के कथित दुरुपयोग और बैंक फ्रॉड के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है। जांच में सामने आया है कि कंपनी पर नियंत्रण रखने वाले अखौरी गोपाल और उनके परिवार ने सीए की फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर यह लोन हासिल किया था, जिसे बाद में धोखाधड़ी के जरिए अन्य कार्यों में डायवर्ट किया गया।
गिरवी संपत्तियों को कम कीमत पर बेचकर बेनामी संपत्ति में बदलने का शक, सीबीआई चार्जशीट में 131 करोड़ की आय का जिक्र
ईडी की शुरुआती जांच और सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार इस मामले में अपराध से हुई कमाई (PoC) की अनुमानित एनपीए वैल्यू लगभग 131.79 करोड़ रुपये है। अधिकारियों को यह भी संदेह है कि टाटा मोटर्स लिमिटेड के पास गिरवी रखी गई संपत्तियों को नियमों के खिलाफ जाकर बेहद कम कीमत पर बेच दिया गया और खरीदार वास्तव में प्रमोटर्स के बेनामीदार या प्रॉक्सी हैं, ताकि जांच एजेंसियों की सख्त कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। इसी सिलसिले में गया में 6, गुरुग्राम में 2 और नई दिल्ली में 1 ठिकाने पर दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
कोलकाता से लेकर हैदराबाद तक एआरएसएस और एएमआर ग्रुप के ठिकानों पर भी ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
बिहार के इस हाई-प्रोफाइल मामले के अलावा, प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में एआरएसएस ग्रुप (ओडिशा) और एएमआर/एएमआरएल ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की है। यह समानांतर कार्रवाई SREI इंफ्रास्ट्रक्चर और इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े लोन घोटाले, फंड की ‘एवरग्रीनिंग’, ‘डायवर्जन’ और ‘राउंड-ट्रिपिंग’ जैसी वित्तीय अनियमितताओं की चल रही गहन जांच का हिस्सा है, जिसमें प्रमोटर अनिल अग्रवाल और महेश कुमार रेड्डी से जुड़े परिसरों की तलाशी ली जा रही है।

