गोटमार मेले में पत्थरों की बरसात, 118 घायल झंडे पर कब्जे को लेकर पांढुर्णा-सावरगांव पक्ष आमने-सामने, कई के सिर फूटे; एक का पैर टूटा पांढुर्णा में सदियों पुरानी गोटमार मेले की परंपरा के बीच जाम नदी का मैदान एक बार फिर पत्थरबाजी का गवाह बना है। झंडे पर कब्जे को लेकर पांढुर्णा और सावरगांव पक्ष के खिलाड़ी आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों के बीच लगातार पत्थरबाजी हो रही है। दोपहर 12 बजे तक करीब 118 लोग घायल हो चुके हैं।
पत्थर लगने से कई लोगों के सिर फूट गए हैं। वहीं, सचिन हाटेकर के पैर की हड्डी टूटने की जानकारी सामने आई है। चोट लगने के बावजूद खिलाड़ी मैदान छोड़ने को तैयार नहीं हैं और दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी लगातार जारी है।
घायलों के इलाज के लिए मेला क्षेत्र में 7 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 44 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है, जबकि 22 एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। मौके पर स्वास्थ्यकर्मी घायलों को प्राथमिक उपचार दे रहे हैं और जरूरत के मुताबिक अस्पताल भेजा जा रहा है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के लिए 700 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र और आसपास 10 CCTV कैमरों और 3 ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
गोटमार मेले की यह परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन पत्थरबाजी के कारण इसका इतिहास हादसों से भी जुड़ा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1955 से 2025 तक गोटमार के दौरान 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
फिलहाल जाम नदी में दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी जारी है और प्रशासन की नजर स्थिति के साथ-साथ घायलों की संख्या पर बनी हुई है।
