नई दिल्ली, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज तड़के नई दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस यात्रा को भारत और रूस के बीच ‘बहुमुखी और दीर्घकालिक’ संबंधों का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह दौरा दोनों देशों की विशेष रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करेगा। आज होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को करेंगे संबोधित, पीएम मोदी के साथ अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक मेले का करेंगे अवलोकन
क्रेमलिन से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन आज ही सालाना ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे, जो विभिन्न देशों के व्यावसायिक प्रतिनिधियों के बीच संवाद का प्रमुख मंच है। इसके अलावा, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने के साथ-साथ भारत और रूस के मंत्रालयों द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक व्यापार मेला (इन्नोप्रोम इंडिया) का भी अवलोकन करेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पूर्वी यूरोप और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनावों के बीच क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट मैकेनिज्म और व्यापारिक लचीलेपन जैसे अहम विषयों पर भी मंथन होगा।
भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, वैश्विक सप्लाई चेन और डिजिटल ट्रेड पर रहेगा जोर
भारत की चौथी अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता के लिए निर्माण’ पर आधारित है, जिसके तहत 12 से 13 सितंबर तक मुख्य बैठकें संपन्न होंगी। इस सम्मेलन में मजबूत ग्लोबल सप्लाई चेन, राष्ट्रीय मुद्राओं के आपसी व्यापार में उपयोग, डिजिटल ट्रेड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यू डेवलपमेंट बैंक के विस्तार जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

