रीवा में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध संरक्षण दिवस

रीवा, अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध संरक्षण दिवस के अवसर पर गत दिवस जयंती कुंज वन कार्यालय में विशेष बैठक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में डीएफओ लोकेश निरापूरे की उपस्थिति में रीवा जिले में गिद्ध संरक्षण के लिए भविष्य की कार्ययोजना और रोडमैप तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, गिद्ध संरक्षण के लिए कार्य कर रहे स्थानीय संगठनों, समुदाय के प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों ने सहभागिता की. बैठक में गिद्धों के घोंसलों एवं प्रजनन स्थलों की सुरक्षा, नियमित मॉनिटरिंग, आवासीय क्षेत्र के संरक्षण, आवास क्षति को रोकने, सुरक्षित भोजन एवं मृत पशुओं के शवों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गिद्धों के लिए हानिकारक दवाओं के उपयोग एवं नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई.

समग्र जन चेतना विकास परिषद के प्रतिनिधि सुमित सिंह ने बताया कि संस्था पिछले तीन वर्षों से रीवा क्षेत्र में गिद्ध संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है. भारत के वन्यजीव ट्रस्ट के सहयोग से संस्था द्वारा गिद्धों के घोंसलों की पहचान एवं निगरानी, प्रजनन गतिविधियों का अध्ययन, आवास संरक्षण, समुदाय एवं हितधारकों के बीच जागरूकता, सुरक्षित भोजन की उपलब्धता तथा गिद्धों के लिए हानिकारक पशु चिकित्सा दवाओं के प्रति जागरूकता जैसे कार्य किए जा रहे हैं. इन संरक्षण प्रयासों में वन विभाग का निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है. बैठक में रीवा के गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र में गिद्धों के लिए गिद्ध फीडिंग स्टेशन स्थापित करने की आगामी योजना पर भी चर्चा की गई, जिससे गिद्धों को सुरक्षित एवं पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जा सके. वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ एवं जलवायु कार्यकर्ता देवादित्य सिन्हा ने गिद्ध संरक्षण, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. कार्यक्रम में एसडीओ फॉरेस्ट, रेंजर, डिप्टी रेंजर तथा सेमरिया, सिरमौर और रीवा क्षेत्र के वनरक्षक भी शामिल हुए. वनकर्मियों ने अपने मैदानी अनुभव साझा किए. वहीं डीएफओ ने गिद्ध संरक्षण को लेकर वन विभाग के अनुभव, प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी. अंतरराष्ट्रीय गिद्ध संरक्षण दिवस के संदेश को युवाओं तक पहुंचाने के लिए यूनिवर्सिटी बायपास क्षेत्र में किशोरों के बीच कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया. खेल गतिविधि के माध्यम से युवाओं को वन्यजीव एवं जलवायु संरक्षण का संदेश दिया गया. वन्यजीव एवं जलवायु विशेषज्ञ देवादित्य सिन्हा और सलमान मंसूरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका पर जोर दिया. कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि वन विभाग, स्थानीय संरक्षण संगठनों, समुदाय और अन्य हितधारकों के समन्वित प्रयासों से ही रीवा में गिद्धों एवं उनके प्राकृतिक आवास का दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है.

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