आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लंदन में कहा कि जेन-जेड और जेन-अल्फा जैसी नई पीढ़ियां पुरानी पीढ़ी के मुकाबले अधिक ईमानदार और देशभक्त हैं

लंदन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने लंदन में आयोजित ‘सेलिब्रेशन ऑफ वननेस’ थीम पर आधारित कम्युनिटी लीडर्स के रिसेप्शन और सिविलाइजेशनल डायलॉग को संबोधित करते हुए युवा पीढ़ी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां पुरानी पीढ़ी की तुलना में अधिक ईमानदार हैं और वे दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए अपने छोटे-मोटे मतभेदों को पीछे छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार रहती हैं।

नतीजों की परवाह किए बिना सही काम के लिए आगे आते हैं युवा

भागवत ने युवाओं की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि उम्रदराज लोग अपने अनुभवों के कारण अधिक सतर्क और सावधान हो जाते हैं, जबकि युवा पीढ़ी परिणामों की ज्यादा चिंता नहीं करती। यदि उन्हें कोई बात सही लगती है, तो वे बिना डरे उसमें जुट जाते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तेजी से कदम बढ़ाते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बुजुर्गों और पुरानी पीढ़ी का मुख्य काम युवाओं पर अपने तरीके थोपने के बजाय केवल अपने अनुभव का लाभ देना होना चाहिए।

आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत ब्रिटेन में चल रहा है विशेष दौरा

यह संबोधन आरएसएस के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित वैश्विक आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके (HSS UK) द्वारा की गई है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में ब्रिटेन भर के 310 से अधिक समुदाय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। अपनी इस विदेश यात्रा के अंतिम पड़ाव के तहत 2 सितंबर को लंदन पहुंचे मोहन भागवत इससे पहले न्यूयॉर्क और टोरंटो का दौरा भी कर चुके हैं।

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